भारतकोश
स्वदेशी भारत एवं विदेशी कंपनियों का षड़यन्त्र

स्वदेशी भारत एवं विदेशी कंपनियों का षड़यन्त्र

Swadeshi Bharat evam Videshi Kampaniyon Ka Shadyantra

राजीव दीक्षित / रोबिन सिराना द्वारा

स्रोत: Swadeshi Bharat & Rajiv Dixit Lectures · Swadeshi Robin Sirana · 2017 (उद्गम)

DevanagariHindipublished77 पृष्ठ

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गोबर गैस से चलाकर दिखा दी ॥ जज ने तीन महीने गाड़ी चलाई और ये सब देख अपने दाँतों तले उंगली दबा ली ॥ अधिक जानकारी आपको राजीव भाई के व्याख्यान में मिलेगी ॥ ( Gau Hatya Rajniti Supreme Court mein ladai at Aurngabad.mp3)

राजीव भाई को जब पता चला कि रासायनिक खाद बनाने वाली कंपनियों के बाद देश की सबसे अधिक हजारों करोड़ रुपए की लूट दवा बनाने वाली सैकड़ों विदेशी कंपनियाँ कर रही है । और इसके इलावा ये बड़ी बड़ी कंपनियाँ वो दवाये भारत में बेच रहे हैं जो अमेरिका और यूरोप के बहुत से देशों में बैन है और जिससे देशवासियों को भयंकर बीमारियाँ हो रही है तब राजीव भाई ने इन कंपनियों के खिलाफ भी आंदोलन शुरू कर दिया ॥ राजीव भाई ने आयुर्वेद का अध्ययन किया और 3500 वर्ष पूर्व महाऋषि चरक के शिष्य वागभट्ट जी को महीनों महीनों तक पढ़ा, और बहुत ज्ञान अर्जित किया । फिर घूम घूम कर लोगों को आयुर्वेदिक चिकित्सा के बारे में बताना शुरू किया की कैसे बिना दवा खाये आयुर्वेद के कुछ नियमों का पालन कर हम सब बिना डॉक्टर के स्वस्थ रह सकते हैं और जीवन जी सकते हैं इसके अलावा हर व्यक्ति अपने शरीर की 85% चिकित्सा स्वयं कर सकता है ॥ राजीव भाई खुद इन नियमों का पालन 15 वर्ष से लगातार कर रहे थे जिस कारण वे पूर्ण स्वस्थ थे 15 वर्ष तक किसी डॉक्टर के पास नहीं गए थे ॥ वो आयुर्वेद के इतने बड़े ज्ञाता हो गए थे कि लोगों की गम्भीर से गम्भीर बीमारियाँ जैसे शुगर, बीपी, दमा, अस्थमा, हार्ट ब्लॉकेज, कोलेस्ट्रॉल आदि का इलाज करने लगे थे और लोगों को सबसे पहले बीमारी होने का असली कारण समझाते थे और फिर उसका समाधान बताते थे ॥ लोग उनके हेल्थ के लेक्चर सुनने के लिए दीवाने हो गए थे इसके इलावा वो होमोपैथी चिकित्सा के भी बड़े ज्ञाता थे होमोपैथी चिकित्सा में तो उन्हें डिग्री भी हासिल थी ॥

एक बार उनको खबर मिली कि उनके गुरु धर्मपाल जी को लकवा का अटैक आ गया है और उनके कुछ शिष्य उनको अस्पताल ले गए थे । राजीव भाई ने जाकर देखा तो उनकी आवाज पूरी जा चुकी थी हाथ पाँव चलने पूरे बंद हो गए थे । अस्पताल में उनको बांध कर रखा हुआ था । राजीव भाई धर्मपाल जी को घर ले आए और उनको एक होमियोपैथी दवा दी मात्र 3 दिन उनकी आवाज वापिस आ गई और एक सप्ताह में वो वैसे चलने फिरने लगे कि कोई देखने वाला मानने को तैयार नहीं था कि इनको कभी लकवा का अटैक आया था ॥ कर्नाटक राज्य एक बार बहुत भयंकर चिकन-गुनिया फैल गया हजारों की संख्या में लोग मरे । राजीव भाई अपनी टीम के साथ वहाँ पहुँच कर हजारों हजारों लोगों इलाज करे मृत्यु से बचाया । ये देख कर कर्नाटक सरकार ने अपनी डॉक्टरों की टीम राजीव भाई के पास भेजी और कहा कि जाकर देखो कि वो किस ढंग से इलाज कर रहे हैं । (अधिक जानकारी के लिए आप राजीव भाई के हेल्थ के लेक्चर सुन सकते हैं घंटो घंटो उन्होने स्वस्थ रहने और रोगों की चिकित्सा के व्याख्यान दिये हैं)

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