भारतकोश
अध्यात्म रामायण

अध्यात्म रामायण

Adhyatma Ramayana

महर्षि वेदव्यास (टीकाकार: मुनीलाल) द्वारा

DevanagariHindipublished423 पृष्ठ

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श्रीसीतारामाभ्यां नमः

अध्यात्मरामायण

अरण्यकाण्ड

जटायुषो दीनदशां विलोक्य प्रियावियोगप्रभवं च शोकम् ।
यो वै विसस्मार तमार्द्रचित्तं श्रीजानकीजीवनमानतोऽस्मि ॥

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