अध्यात्म रामायण

अध्यात्म रामायण
Adhyatma Ramayana
महर्षि वेदव्यास (टीकाकार: मुनीलाल) द्वारा
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( २ )
| सर्ग | विषय | पृष्ठ |
|---|---|---|
| ७-वानरोंका प्रायोपवेशन और सम्पाति-से भेंट | ... ... ... | १८८ |
| ८-सम्पातीकी आत्मकथा | ... ... | १९३ |
| ९-समुद्रोलङ्घनकी मन्त्रणा | ... ... | १९७ |
सुन्दरकाण्ड
| सर्ग | विषय | पृष्ठ |
|---|---|---|
| १-हनुमान्जीका समुद्रोलङ्घन और लंका-प्रवेश | ... ... ... | २०३ |
| २-हनुमान्जीका वाटिकामें जाना तथा रावणका सीताजीको भय दिखलाना | ... ... | २०८ |
| ३-जानकीजीसे भेंट, वाटिका-विध्वंस और ब्रह्मपाश-बन्धन | ... ... | २१३ |
| ४-हनुमान् और रावणका संवाद तथा लङ्कादहन | ... ... ... | २२० |
| ५-हनुमान्जीका सीताजीसे विदा होना और श्रीरामचन्द्रजीको उनका सन्देश सुनाना | ... ... ... | २२६ |
युद्धकाण्ड
| सर्ग | विषय | पृष्ठ |
|---|---|---|
| १-वानर-सेनाका प्रस्थान | ... ... | २३३ |
| २-रावणद्वारा विभीषणका तिरस्कार | ... ... | २३७ |
| ३-विभीषणकी शरणागति, समुद्रका त्रास तथा सेतु-बन्धनका आरम्भ | ... ... | २४१ |
| ४-समुद्र-तरण, लङ्का-निरीक्षण तथा रावण-शुक-संवाद | ... ... | २४८ |
| ५-शुकका पूर्व-चरित्र, माल्यवान्का रावणको समझाना तथा वानर-राक्षस-संग्राम | ... ... | २५३ |
| ६-लक्ष्मण-मूर्च्छा, राम-रावण-संग्राम, हनुमान्जीका ओषधि लेने जाना और रावण-कालनेमि-संवाद | ... ... | २५६ |
| ७-कालनेमिका कपट, हनुमान्जीद्वारा उसका वध, लक्ष्मणजीका सचेत होना और रावणका कुम्भकर्णको जगाना | ... ... | २६५ |
| ८-कुम्भकर्ण-वध | ... ... ... | २७० |
| ९-मेघनाद-वध | ... ... ... | २७६ |
| १०-रावणका यज्ञ-विध्वंस तथा उसका मन्दोदरीको समझाना | ... ... | २८२ |
| ११-राम-रावण-संग्राम और रावणका वध | ... ... | २८७ |
| १२-विभीषणका राज्याभिषेक और सीताजीकी अग्नि-परीक्षा | ... ... | २९४ |
| १३-देवताओंका भगवान् रामकी स्तुति करना, सीताजीसहित अग्निदेवका प्रकट होना, अयोध्याके लिये प्रस्थान | ... ... | ३०१ |
| १४-अयोध्या-यात्रा, भरद्वाज मुनिका आतिथ्य तथा भरत-मिलाप | ... ... | ३०७ |
| १५-श्रीराम-राज्याभिषेक | ... ... | ३१५ |
| १६-वानरोंकी विदा तथा ग्रन्थप्रशंसा | ... ... | ३२२ |
उत्तरकाण्ड
| सर्ग | विषय | पृष्ठ |
|---|---|---|
| १-भगवान् रामके यहाँ अगस्त्यादि मुनीश्वरोंका आना और रावणादि राक्षसोंका पूर्वचरित्र सुनाना | ... ... | ३२६ |
| २-राक्षसोंके राज्यस्थापनका विवरण | ... ... | ३३४ |
| ३-वाली और सुग्रीवका पूर्वचरित्र तथा रावण-सनत्कुमार-संवाद | ... ... | ३४१ |
| ४-रामराज्यका वर्णन तथा सीता-वनवास | ३४६ | |
| ५-रामगीता | ... ... ... | ३५१ |
| ६-लवण-वध, भगवान् रामके यज्ञमें कुश-लवके सहित महर्षि वाल्मीकिका पधारना और कुशको परमार्थोपदेश करना | ... ... ... | ३६० |
| ७-भगवान् रामके यज्ञमें कुश और लवका गान, सीताजीका पृथिवी-प्रवेश, रामचन्द्रजीका माताको उपदेश | ... ... | ३६५ |
| ८-कालका आगमन, लक्ष्मणजीका परित्याग और उनका स्वर्गगमन | ... ... | ३७२ |
| ९-महाप्रयाण | ... ... ... | ३७८ |
चित्र-सूची
| क्र. | चित्र | प्रकार | पृष्ठ | क्र. | चित्र | प्रकार | पृष्ठ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| १- | रामचतुष्टय | (रंगीन) | आदिमें | ५- | दासभक्त हनुमान्जी | (रंगीन) | १५१ |
| २- | सदाप्रसन्न राम | ( " ) | ३ | ६- | अशोकवाटिकामें सीताजी | ( " ) | २०३ |
| ३- | श्रीसीताराम | ( " ) | ४१ | ७- | श्रीराम-रावण-युद्ध | ( " ) | २३३ |
| ४- | रामजटायु | (सादा) | १०३ | ८- | क्रीडावनमें श्रीरामसीता | (सुनहरी) | ३२६ |