अष्टाङ्गहृदयम्

अष्टाङ्गहृदयम्
Ashtanga Hridayam
श्रीमद्वाग्भट द्वारा
स्रोत: चौखम्बा संस्कृत प्रतिष्ठान - निर्मला हिन्दी व्याख्या (डॉ० ब्रह्मानन्द त्रिपाठी) · चौखम्बा संस्कृत प्रतिष्ठान, दिल्ली · 1999 (उद्गम)
DevanagariSanskritpublished387 पृष्ठ
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विषयानुक्रमणिका
सूत्रस्थानम्
| विषय | पृष्ठांक | विषय | पृष्ठांक |
|---|---|---|---|
| ( १ ) आयुष्कामीयाध्यायः | रोग की परीक्षा | १८ | |
| मंगलाचरण | १ | देश-भेदों का वर्णन | १८ |
| आयुर्वेद का प्रयोजन | ३ | भूमिदेश का वर्णन | १९ |
| आयुर्वेदावतरण | ४ | काल के भेद | १९ |
| अष्टांगहृदय का स्वरूप | ५ | औषध के भेद | २० |
| आयुर्वेद के आठ अंग | ५ | शारीरिक दोषों की चिकित्सा | २० |
| दोषों का वर्णन | ८ | मानसिक दोषों की चिकित्सा | २० |
| विकृत-अविकृत दोष | ८ | चिकित्सा के चार पाद | २० |
| दोषों के स्थान एवं प्रकोपकाल | ९ | वैद्य के चार लक्षण | २१ |
| वय आदि के अनुसार काल | ९ | औषध-द्रव्य के चार लक्षण | २१ |
| दोषों का अग्नि पर प्रभाव | ९ | परिचारक ( उपस्थाता ) के चार लक्षण | २१ |
| दोषों का कोष्ठ पर प्रभाव | ९ | रोगी के चार लक्षण | २१ |
| दोषों से गर्भप्रकृति का वर्णन | १० | साध्य-असाध्य के अनुसार व्याधि के भेद | २२ |
| वातदोष के गुण | १० | सुखसाध्य रोग के लक्षण | २२ |
| पित्तदोष के गुण | १० | कष्टसाध्य रोग के लक्षण | २३ |
| कफदोष के गुण | ११ | याप्य रोग के लक्षण | २३ |
| संसर्ग-सन्निपात परिभाषा | ११ | प्रत्याख्येय रोग के लक्षण | २३ |
| धातुओं का वर्णन | ११ | त्याज्य रोगी | २३ |
| मलों का वर्णन | ११ | अध्याय-संग्रह वर्णन | २४ |
| दोष, धातु, मलों की वृद्धि एवं क्षय | १२ | सूत्रस्थान के अध्याय | २४ |
| रसों का वर्णन | १२ | शारीरस्थान के अध्याय | २४ |
| रसों का वात आदि पर प्रभाव | १३ | निदानस्थान के अध्याय | २४ |
| द्रव्य का वर्णन | १३ | चिकित्सास्थान के अध्याय | २५ |
| वीर्य का वर्णन | १४ | कल्प-सिद्धिस्थान के अध्याय | २५ |
| विपाक का वर्णन | १४ | उत्तरस्थान के अध्याय | २५ |
| द्रव्य के गुणों का वर्णन | १५ | अष्टांगहृदय के छः स्थान | २५ |
| रोग एवं आरोग्य के कारण | १५ | ( २ ) दिनचर्याध्यायः | |
| रोग-आरोग्य में भेद | १६ | ब्राह्ममुहूर्त में जागना | २६ |
| रोगों के दो भेद | १६ | दत्तवन का विधान | २६ |
| दो प्रकार के रोगाधिष्ठान | १७ | दत्तवन करने की विधि | २७ |
| मानसिक दोषों का परिचय | १७ | दत्तवन का निषेध | २७ |
| रोगी की परीक्षा | १७ | अञ्जन-प्रयोग | २८ |
२ अ० भू०