अष्टाङ्गहृदयम्

अष्टाङ्गहृदयम्
Ashtanga Hridayam
श्रीमद्वाग्भट द्वारा
स्रोत: चौखम्बा संस्कृत प्रतिष्ठान - निर्मला हिन्दी व्याख्या (डॉ० ब्रह्मानन्द त्रिपाठी) · चौखम्बा संस्कृत प्रतिष्ठान, दिल्ली · 1999 (उद्गम)
DevanagariSanskritpublished387 पृष्ठ
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| विषय | पृष्ठांक | विषय | पृष्ठांक |
|---|---|---|---|
| तण्डुलीय का वर्णन | १०४ | उत्तम-अधम निर्णय | ११० |
| मुआतक का वर्णन | १०४ | अथ फलवर्गः | |
| पालंकी का वर्णन | १०४ | द्राक्षा-परिचय | १११ |
| उपीदिका का वर्णन | १०४ | दाडिमफल का वर्णन | १११ |
| चक्षु का वर्णन | १०४ | केला आदि फलों का वर्णन | १११ |
| विदारीकन्द का वर्णन | १०४ | ताल आदि फलों का वर्णन | ११२ |
| जीवन्ती का वर्णन | १०४ | बिल्वफल का वर्णन | ११२ |
| कूम्भाण्ड आदि का वर्णन | १०५ | कपित्थफल का वर्णन | ११२ |
| त्रपुस का वर्णन | १०५ | जामुनफल का वर्णन | ११२ |
| तुम्ब का वर्णन | १०५ | आम का वर्णन | ११३ |
| शीर्णवृन्त-फल-शाक | १०५ | वृक्षाम्ल का वर्णन | ११३ |
| मुणाल आदि का वर्णन | १०५ | शमीफल का वर्णन | ११३ |
| कलम्ब आदि का वर्णन | १०६ | पीलुफल का वर्णन | ११३ |
| चिल्ली शाक का वर्णन | १०६ | मातुलुंग ( बिजौरानीबू ) का वर्णन | ११३ |
| तकारी आदि शाक का वर्णन | १०६ | भिलावा का वर्णन | ११४ |
| पुनर्नवा एवं कालशाक | १०६ | पारेवत का वर्णन | ११४ |
| करञ्ज का शाक | १०६ | आरुक्फल का वर्णन | ११४ |
| शतावरी का शाक | १०६ | कच्चे दाख आदि फल | ११४ |
| वंशकरीर का शाक | १०७ | करमर्द ( करौदा ) के कच्चे फल | ११५ |
| पत्तूर का शाक | १०७ | कोल, कर्कन्धु-वर्णन | ११५ |
| कासमर्द का शाक | १०७ | इमली एवं बैर के सूखे फल | ११५ |
| कुसुम्भ का शाक | १०७ | बड़हर के फल | ११५ |
| सरसों ( सर्षप ) के पत्तों का शाक | १०७ | त्याज्य धान्य, शाक एवं फल | ११५ |
| बालमूली का शाक | १०७ | अथोषधवर्गः | |
| वृद्धमूली का शाक | १०७ | लवण सामान्य के गुण | ११५ |
| स्नेहसिद्ध मूली का शाक | १०७ | संधानमक के गुण | ११६ |
| सूखी मूली का शाक | १०८ | सौवर्चलनमक के गुण | ११६ |
| कच्ची मूली का शाक | १०८ | विड़नमक के गुण | ११६ |
| पिण्डालु का शाक | १०८ | सामुद्र नमक के गुण | ११६ |
| कुटेरक आदि शाक | १०८ | औदुभिद् नमक के गुण | ११७ |
| सुरस का शाक | १०९ | कृष्णलवण के गुण | ११७ |
| सुमुख का शाक | १०९ | रोमकलवण के गुण | ११७ |
| धानिया ( आर्दिवा ) का शाक | १०९ | सामान्य निर्देश | ११७ |
| लशुनकन्द का शाक | १०९ | यवक्षार के गुण | ११७ |
| पलाण्डु का शाक | १०९ | सभी प्रकार के क्षार | ११७ |
| गूञ्जनक का शाक | १०९ | हींग का वर्णन | ११८ |
| सूरण का शाक | ११० | हरीतकी का वर्णन | ११८ |
| भूकन्द का शाक | ११० | आमलक का वर्णन | ११८ |
| शाकों में उत्तरोत्तर गुहता | ११० | बिभीतक का वर्णन | ११८ |