भारतकोश
अष्टाङ्गहृदयम्

अष्टाङ्गहृदयम्

Ashtanga Hridayam

श्रीमद्वाग्भट द्वारा

स्रोत: चौखम्बा संस्कृत प्रतिष्ठान - निर्मला हिन्दी व्याख्या (डॉ० ब्रह्मानन्द त्रिपाठी) · चौखम्बा संस्कृत प्रतिष्ठान, दिल्ली · 1999 (उद्गम)

DevanagariSanskritpublished387 पृष्ठ

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( ३१ )

विषय

स्नेहनस्य से लाभ

( २१ ) धूमपानविधिरध्यायः

धूमपानविधि का वर्णन धूम के भेद तथा प्रयोग धूमपान का निषेध धूमपान से हानि धूमपानजनित रोगों की चिकित्सा त्रिविध धूम के सेवनकाल धूमनेत्र का वर्णन धूमनेत्र की लम्बाई धूमपान की विधि नासिका एवं मुख से धूमपान धूम का निर्हरण नासिका से धूम न निकालें तीन बार धूमपान करें धूमपान की संख्या मृदुधूम के द्रव्य मध्यधूम के द्रव्य तीक्ष्णधूम के द्रव्य धूमवर्ति-निर्माणविधि कासघ्न धूमपान-विधि धूमपान के लाभ

( २२ ) गण्डूषादिविधिरध्यायः

गण्डूष के भेद गण्डूषों के प्रयोग स्निग्ध-गण्डूष शमन-गण्डूष शोधन-गण्डूष रोपण-गण्डूष गण्डूषों में द्रव्यप्रयोग रोगानुसार गण्डूषप्रयोग स्वस्थ के लिए गण्डूष घी या दूध का गण्डूष मधुगण्डूष-प्रयोग काज़ी के गण्डूष क्षाराम्लगण्डूष सुवोष्णोदकगण्डूष गण्डूष-प्रयोगविधि गण्डूषधारण-अवधि

पृष्ठांक

विषय

२५० गण्डूष एवं कवल परिभाषा कवलधारण के लाभ २५१ प्रतिसारण के भेद २५१ प्रतिसारण का प्रयोग २५२ मुखालेप के तीन भेद २५२ मुखालेप का उपयोग २५२ मुखालेप का प्रमाण २५२ लेपसम्बन्धी निर्देश २५२ मुखालेप में अपथ्य २५२ मुखालेप का निषेध २५३ मुखालेप का सम्यग्योग २५३ मुखालेप के ६ योग २५३ मुखालेप से लाभ २५३ मूर्धतैल के ४ भेद २५३ उत्तरोत्तर गुणवत्ता २५३ अभ्यंग का प्रयोग २५४ परिषेक का प्रयोग २५४ पिचु का प्रयोग २५४ बस्ति का प्रयोगस्थल २५४ शिरोबस्ति-सेवनविधि २५४ शिरोबस्ति-धारणकाल २५५ पश्चात्-कर्म २५५ शिरोबस्तिसेवन-अवधि २५६ कर्णपूर्ण का काल २५६ मात्राकाल की परिभाषा २५६ मूर्धतैल का फल

( २३ ) आश्र्वोतनाञ्जनविधिरध्यायः

२६३ आश्र्वोतन का वर्णन २६३ दोषानुसार आश्र्वोतन २६३ आश्र्वोतन-विधि २६४ आश्र्वोतन का निषेध २६४ आश्र्वोतन के लाभ २६४ अंजनप्रयोग के लाभ २६४ अंजन के तीन भेद २६५ लेखन अंजन-परिचय २६५ रोपण अंजन-परिचय २६५ प्रसादन अंजन-परिचय २६५ प्रत्यञ्जन २६५ अञ्जनशलाका

पृष्ठांक

२५८ २५८ २५८ २५९ २५९ २५९ २५९ २५९ २५९ २६० २६० २६० २६० २६१ २६१ २६१ २६१ २६१ २६१ २६२ २६२