भारतकोश
अथर्ववेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

अथर्ववेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

Atharvaveda Samhita with Hindi Translation

डा. गंगा सहाय शर्मा द्वारा

स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)

DevanagariSanskritpublished1,063 पृष्ठ

पृष्ठ 315, कुल 1063 में से

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पृष्ठ 315

यथा प्रधिर्यथोपधिर्यथा नभ्यं प्रधावधि. यथा पुंसो वृषण्यत स्त्रियां निहन्यते मनः. एवा ते अघ्न्ये मनो ऽ धि वत्से नि हन्यताम्.. (३) हे गौ! जिस प्रकार रथ के पहिए की नेमि अरों से संबंधित रहती है और सुरत के इच्छुक पुरुष का मन जिस प्रकार नारी में लगा रहता है, उसी प्रकार तेरा मन अपने बछड़े में लगा रहे. (३) सूक्त-७१ देवता—विश्वे देव, अग्नि यदन्नमद्मि बहुधा विरूपं हिरण्यमश्वमुत गामजामविम्. यदेव किं च प्रतिजग्रहाहमग्निष्टद्धोता सुहुतं कृणोतु.. (१) भूख की पीड़ा के वशीभूत हो कर मैं विविध प्रकार का जो अन्न अनेक प्रकार से खाता हूं, अन्न के अतिरिक्त मैं दरिद्रता के कारण जो सोना, घोड़े और गाएं ग्रहण करता हूं, मुझ यजमान को वह सब अन्न, सोना आदि अग्नि देव भली प्रकार हवन किया हुआ बनाएं. (१) यन्मा हुतमहुतमाजगाम दत्तं पितृभिरनुमतं मनुष्यैः. यस्मान्मे मन उदिव रारजीत्यग्निष्टद्धोता सुहुतं कृणोतु.. (२) होम के द्वारा संस्कार वाला और इस से विपरीत जो धन मुझे प्राप्त हुआ है, वह पितृ देवों द्वारा मुझे उपभोग के लिए दिया गया है. मनुष्यों ने उस के उपभोग की अनुमति दी है. जिस धन के कारण मेरा मन हर्ष की अधिकता से उद्दीप्त रहता है, अग्नि देव की कृपा से वह धन मुझ यजमान के लिए दोषरहित हो. (२) यदन्नमद्म्यनृतेन देवा दास्यन्नदास्यन्नुत संगृणामि. वैश्वानरस्य महतो महिम्ना शिवं मह्यं मधुमदस्त्वन्नम्.. (३) हे देवो! असत्य भाषण के द्वारा दूसरों का जो अन्न अपहरण कर के मैं खाता हूं, उसे मैं अन्न के मालिक को चाहे देता रहा हूं अथवा नहीं देता रहा हूं, पर मैं उसे देने की प्रतिज्ञा करता हूं. वैश्वानर देव की अत्यधिक महिमा से वह अन्न मेरे लिए सुखकर और मधुर हो. (३) सूक्त-७२ देवता—शेप, अर्क यथासितः प्रथयते वशाँ अनु वपूंषि कृण्वन्नसुरस्य मायया. एवा ते शेपः सहसायमर्को ऽ ज्ञेनाङ्गं संसमकं कृणोतु.. (१) जैसे बंधा हुआ पुरुष अपने वशवर्ती पुरुषों को लक्षित कर के आसुरी माया के द्वारा अपने शरीरों को प्रसारित करता है, उसी प्रकार अकौआ के वृक्ष से बनी यह ओषधि अर्थात् ebook converter DEMO Watermarks*