अथर्ववेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

अथर्ववेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)
Atharvaveda Samhita with Hindi Translation
डा. गंगा सहाय शर्मा द्वारा
स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)
DevanagariSanskritpublished1,063 पृष्ठ
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संदर्भ में पढ़ेंपृष्ठ 360
अक्षितास्त उपसदो ऽ क्षिताः सन्तु राशयः. पृणन्तो अक्षिताः सन्वत्तारः सन्वक्षिताः.. (३) हे जौ! तुझ से संबंधित कर्म करने वाले विनाश रहित हों. तेरे ढेर नाश रहित हों. तुझे घर में रखने को ले जाने वाले लोग विनाश रहित हों. तुझे खाने वाले लोग भी विनाश रहित हों. (३)