भारतकोश
अथर्ववेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

अथर्ववेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

Atharvaveda Samhita with Hindi Translation

डा. गंगा सहाय शर्मा द्वारा

स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)

DevanagariSanskritpublished1,063 पृष्ठ

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पृष्ठ 373

हे स्तोताओ! सर्व व्यापक विष्णु देव के उन कर्मों को देखो, जिन कर्मों के द्वारा उन्होंने तुम्हारे कर्मों का स्पर्श किया. ये विष्णु इंद्र देव के योग्य सखा हैं. (५) विष्णोः कर्माणि पश्यत यतो व्रतानि पस्पशे. इन्द्रस्य युज्यः सखा.. (६) व्यापक विष्णु देव के उत्तम स्थान को मेधावी लोग देखते हैं. उन का स्थान आकाश में सूर्य मंडल के समान विस्तृत है. (६) तद् विष्णोः परमं पदं सदा पश्यन्ति सूरयः. दिवीव चक्षुराततम्.. (७) हे विष्णु देव! पृथ्‍वी एवं द्युलोक से भी महान किसी अन्य लोक से अर्थात् विस्तीर्ण अंतरिक्ष से लाए हुए बहुत से धनों से अपने हाथों को पूर्ण करो. इस के पश्चात हमारे सामने आ कर अपने दाहिने और बाएं हाथों से हमें अधिक धनराशि प्रदान करो. (७) दिवो विष्ण उत वा पृथिव्या महो विष्ण उरोरन्तरिक्षात्. हस्तौ पृणस्व बहुभिर्वसव्यैराप्रयच्छ दक्षिणादोत सव्यात्.. (८) हे विष्णु देव! आप अपने दोनों हाथों के द्वारा द्युलोक, भूलोक और अंतरिक्ष लोक से हमें बहुत से साधन प्रदान करो. (८) सूक्त-२८ देवता—इडा इडैवास्मां अनु वस्तां व्रतेन यस्याः पदे पुनते देवयन्तः. घृतपदी शक्वरी सोमपृष्ठोप यज्ञमस्थित वैश्वदेवी.. (१) गहन रूपा इडा ही हमारे द्वारा किए जाते हुए यह कर्मों को फल देने वाला बनाएं. उस इडा के चरणों में देवों की कामना करने वाले यजमान अपनेआप को पवित्र करते हैं. हम जहांजहां चरण रखें वहांवहां घृत टपकाने वाली, फल देने में समर्थ एवं पीठ पर सोम लिए हुए इडा नाम की बहन हमारे यज्ञ को विस्तृत करें. (१) सूक्त-२९ देवता—झंडा वेदः स्वस्तिर्दुघणः स्वस्तिः परशुर्वेदिः परशुर्नः स्वस्ति. हविष्कृतो यज्ञिया यज्ञकामास्ते देवासो यज्ञमिमं जुषन्ताम्.. (१) वेद (दर्भ समूह) हमारे लिए अविनाश का कारण बने. पेड़ काटने के काम आने वाली कुल्हाड़ी हमारा कल्याण करे. घास काटने का साधन वेदि अर्थात् खुरपी तथा परशु हमारा कल्याण करे. हवि का निर्माण करने वाले, यज्ञ के योग्य एवं यज्ञ की कामना करते हुए मुझ यजमान का यज्ञ वे देव स्वीकार करें. (१) eBook converter DEMO Watermarks*