भारतकोश
अथर्ववेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

अथर्ववेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

Atharvaveda Samhita with Hindi Translation

डा. गंगा सहाय शर्मा द्वारा

स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)

DevanagariSanskritpublished1,063 पृष्ठ

पृष्ठ 65, कुल 1063 में से

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राक्षसों के विनाशक और रोगों को दूर करने वाले अग्नि देव उन्हें नष्ट करने के लिए उन के समीप चलें. अग्नि देव मायामय, सौम्य, हिंसक एवं भयावह रूप धारण करने वाले, दूसरों के दोष खोजने वाले, पीड़ादायक एवं परेशान करने वाले राक्षसों को भस्म करते हुए इस पुरुष के समीप आ रहे हैं. (१) प्रति दह यातुधानान् प्रति देव किमीदिनः. प्रतीचीः कृष्णवर्तने सं दह यातुधान्यः.. (२) हे अग्नि देव! आप इन राक्षसों और दूसरों के दोष देखने वाले पिशाचों को भस्म कर दो. हे काले मार्ग वाले अग्नि! दूसरों के प्रतिकूल आचरण करने वाली राक्षसियों को भी आप भस्म कर दें. (२) या शशाप शपनेन याघं मूरमादधे. या रसस्य हरणाय जातमारेभे तोकमत्तु सा.. (३) जिन राक्षसियों ने कठोर वचनों के द्वारा हमें शाप दिया है, जिन राक्षसियों ने सभी पापों की जड़ हिंसा को स्वीकार कर लिया है तथा जो हमारी संतान, रस, सौंदर्य एवं पुष्टि का विनाश करती हैं, वे सभी अपने अथवा हमारे शत्रुओं के बालकों का भक्षण करें. (३) पुत्रमत्तु यातुधानीः स्वसारमुत नप्त्यम्. अधा मिथो विकेश्यो ३ वि घ्नतां यातुधान्यो ३ वि तृहन्तामराय्यः.. (४) राक्षसियां अपने पुत्र, बहन और नाती को खा जाएं. राक्षसियां एकदूसरे के केश खींच कर लड़ने के कारण बाल बिखेरें तथा मृत्यु को प्राप्त हों. दान न करने वाली राक्षसियां आपस में लड़ कर मर जाएं. (४) सूक्त-२९ देवता—ब्रह्मणस्पति अभीवर्तेन मणिना येनेन्द्रो अभिवावृधे. तेनास्मान् ब्रह्मणस्पते ऽ भि राष्ट्राय वर्धय.. (१) हे ब्रह्मणस्पति! समृद्धि एवं शक्ति प्रदान करने वाली जिस मणि को धारण कर के इंद्र उन्मत्त हुए हैं, उसी मणि के द्वारा शत्रुओं से पीड़ित हमारे राष्ट्र की संपन्नता बढ़ाओ. आप की कृपा से हम संपन्न जनों द्वारा सुरक्षित राष्ट्र में शत्रुओं के भय से रहित हों. (१) अभिवृत्य सपत्नानभि या नो अरातयः. अभि पृतन्यन्तं तिष्ठाभि यो नो दुरस्यति.. (२) हे अभीवर्त मणि! तुम हमारे शत्रुओं के सामने डट कर उन्हें पराजित करो. जो हमारे राष्ट्र, धन आदि का अपहरण कर के हमारे प्रति शत्रुता का व्यवहार करते हैं, उन के सामने ebook converter DEMO Watermarks*