भारतकोश
अथर्ववेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

अथर्ववेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

Atharvaveda Samhita with Hindi Translation

डा. गंगा सहाय शर्मा द्वारा

स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)

DevanagariSanskritpublished1,063 पृष्ठ

पृष्ठ 80, कुल 1063 में से

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को नमस्कार करता हूं. क्षेत्रीय व्याधियों अर्थात् अतिसार, यक्ष्मा आदि रोगों का विनाश करने वाली ओषधि समस्त रोग दूर करे. (४) नमः सनिस्रसाक्षेभ्यो नमः संदेश्येभ्यः नमः क्षेत्रस्य पतये वीरुत् क्षेत्रियनाशन्यप क्षेत्रियमूच्छतु.. (५) ऐसे सूने घरों को नमस्कार है, जिन के द्वार एवं खिड़की रूपी नेत्र खुले हुए हैं. ऐसे गड्ढों के लिए नमस्कार है, जिन की मिट्टी निकाल दी गई है. सूने घर आदि रूप क्षेत्र के पति को नमस्कार है. क्षेत्रीय व्याधियों अर्थात् अतिसार, यक्ष्मा आदि रोगों का विनाश करने वाली ओषधि सभी रोग दूर करे. (५) सूक्त-९ देवता—वनस्पति दशवृक्ष मुञ्चेमं रक्षसो ग्राह्या अधि यैनं जग्राह पर्वसु. अथो एनं वनस्पते जीवानां लोकमुन्नय.. (१) हे ढाक, गूलर आदि दस वृक्षों से बनी हुई मणि! ब्रह्म राक्षस और राक्षसी से पकड़े हुए इस पुरुष को छुड़ाओ. उस ब्रह्म राक्षसी ने इसे शरीर के जोड़ों में पकड़ा हुआ है. हे वनस्पति से निर्मित मणि! तू इसे जीवित प्राणियों के लोक में पहुंचा अर्थात् इसे पुनः जीवित कर. (१) आगादुदगादयं जीवानां व्रातमप्यगात्. अभूदु पुत्राणां पिता नृणां च भगवत्तमः.. (२) हे मणि! तेरे प्रभाव से यह पुरुष गृह से युक्त हो कर इस लोक में आ गया है. इस ने जीवित मनुष्यों के समूह को प्राप्त कर लिया है. यह पुत्रों का पिता बन गया है तथा इस ने मनुष्यों के मध्य अतिशय भाग्य पा लिया है. (२) अधीतीरध्यगादयमधि जीवपुरा अगन्. शतं ह्यस्य भिषजः सहस्रमुत वीरुधः.. (३) ब्रह्म ग्रह से छूटा हुआ यह पुरुष पूर्व में अध्ययन किए गए वेद आदि शास्त्रों को स्मरण करे तथा जीवों के आवास स्थानों को जाने, क्योंकि ग्रह से गृहीत इस पुरुष की चिकित्सा करने वाले सौ वैद्य हैं और हजार जड़ीबूटियां हैं. (३) देवास्ते चीतिमविदन् ब्रह्माण उत वीरुधः. चीतिं ते विश्वे देवा अविदन् भूम्यामधि.. (४) हे मणि! ग्रह विकार से रोगी को छुड़ाने से तेरे प्रभाव को इंद्र आदि देव जानते हैं. ब्राह्मण एवं वृक्ष भी तेरे इस प्रभाव को जानते हैं. हे रोगी! तुझ मूर्च्छित को चेतना प्राप्त होने की बात धरती पर सभी देव जानते हैं. (४) ebook converter DEMO Watermarks*