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धम्मपद (पालि मूल, संस्कृत छाया एवं हिन्दी अनुवाद)

धम्मपद (पालि मूल, संस्कृत छाया एवं हिन्दी अनुवाद)

Dhammapada with Pali Original & Hindi Translation

by महापण्डित राहुल सांकृत्यायन

DevanagariHindipublished213 pages

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६।१४ ] पण्डितवग्गो [ ४१ जो परिग्रहके परित्यागपूर्वक अपरिग्रहमें रत हैं। ऐसे, चित्तके मलोंसे निर्मुक्त (=क्षीणास्रव ), द्युतिमान् ( पुरुष ) लोकमें निर्वाणको प्राप्त हो गये हैं। ६-पण्डितवर्ग समाप्त