गीतावली (गोस्वामी तुलसीदास - गीताप्रेस सम्पूर्ण ७ काण्ड सान्वय सटीक)

गीतावली (गोस्वामी तुलसीदास - गीताप्रेस सम्पूर्ण ७ काण्ड सान्वय सटीक)
Gitavali of Goswami Tulsidas with Gita Press Commentary
गोस्वामी तुलसीदास द्वारा
DevanagariHindipublished454 पृष्ठ
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श्रीराम श्रीरघुनाथ-कथामृत-पोसित काव्यकला रति-सी छबि छाई। ताहि अनेकन भूषन भूषि बरी तुलसी अति ही हरसाई॥ जोवत सो जुग-जोरी खरी हुलसी हुलसी अति मोद उछाई। सो हुलसीके हियेको हुलास हरै हमरे जियकी जड़ताई॥