हारीत संहिता (महर्षि आत्रेय-हारीत मुनि संवाद - सम्पूर्ण ६ स्थान सटीक)
Harita Samhita of Sage Harita with Hindi Commentary
महर्षि हारीत / आत्रेय मुनि द्वारा
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संदर्भ में पढ़ें( ८ ) हारीतसंहिता विषय. पृष्ठ. | विषय. पृष्ठ. मांडाका गुण. .... .... ११७ | स्वप्नाध्यायका वर्णन .... १२७ पूरी और घेवरका गुण .... ” | वर्ज्यस्वप्न .... ” गूंझामालपूवाका गुण .... ” | कालसे स्वप्न .... १२८ सोमालिकाका.गुण .... .... ११८ | स्वप्नमें शुभद्रव्य .... ” फेनीका गुण.. .... .... ” | अशुभद्रव्य .... ” भिन्नबडाका गुण .... .... ” | शुभस्वप्नोंका वर्णन.... .... ” अभिन्नबडाका गुण.... .... ” | शुभस्वप्न .... १२९ लड्डूका गुण... .... .... ” | अशुभस्वप्नोंका वर्णन .... १३० यवपोलिकाका गुण.... .... ११९ | स्वास्थ्यारिष्ट .... १३२ अन्नके गुणोंका उपसंहार .... ” | ध्रुवादिक न देखनेका अरिष्ट .... ” थकेहुए मनुष्यको भोजननिषेध .... ” | द्वितीयाचंद्रका अदर्शनका अरिष्ट .... ” भोजनके उपरांत मेहनत और सुरतका | कर्णघोष न सुननेका अरिष्ट .... १३३ निषेध .... .... ” | मुखश्वासादिका अरिष्ट .... ” थंडा और गरम भोजनका निषेध .... ” | प्रभातमें मस्तकशूलका अरिष्ट.... ” श्रमित आदिकोंके भोजनका निषेध .... ” | सूर्यबिंबादिकके दर्शनका अरिष्ट.... ” भोजनमें फलादिकोंका नियम .... १२० | इंद्रधनुष देखनेका अरिष्ट .... ” भोजनके पीछे बैठनेका नियम .... ” | विपरीत देखने सुननेका अरिष्ट .... १३४ भोजनमें पानीका नियम.... .... ” | शरीरके स्पर्शसे अरिष्टकथन .... ” भोजनके ऊपर व्यायाम .... ” | प्रतिबिम्ब न देखनेसे अरिष्ट .... ” भोजनके उपरांत नेत्रादिकोंका मार्जन .... ” | व्याध्यरिष्टका लक्षण .... १३५ अड़कारका नियम .... .... १२१ | अष्टमहाव्याधियोंका नाम .... ” व्यायामादिकोंका नियम .... ” | आठ महारोगोंके उपद्रव .... ” दिनमें शयन करनेका निषेध .... ” | ज्वररोगीके अरिष्ट.... .... ” दिनमें शयनकराने लायक मनुष्य.. ” | दारुण उपद्रवका अरिष्ट .... १३७ इति प्रथमस्थानं समाप्तम् | अतीसारका अरिष्ट.... .... ” सूजनका अरिष्ट .... .... ” द्वितीयं स्थानम् । | शूलका अरिष्ट .... .... ” अथ कर्मविपाक .... .... १२३ | पांडुरोगीका अरिष्ट.... .... १३८ पापदोषप्रतीकार .... .... १२५ | क्षयरोगका अरिष्ट .... .... ” अन्य अन्य रोगोंका कारण .... १२६ | श्वासरोगका अरिष्ट .... ”