हारीत संहिता (महर्षि आत्रेय-हारीत मुनि संवाद - सम्पूर्ण ६ स्थान सटीक)

हारीत संहिता (महर्षि आत्रेय-हारीत मुनि संवाद - सम्पूर्ण ६ स्थान सटीक)
Harita Samhita of Sage Harita with Hindi Commentary
महर्षि हारीत / आत्रेय मुनि द्वारा
DevanagariHindipublished548 पृष्ठ
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( १२ ) हारीतसंहिता-
| विषय. | पृष्ठ. | विषय. | पृष्ठ. |
|---|---|---|---|
| आमलक्यादि काथ .... | १८६ | भूनिम्बादि काथ .... | १९३ |
| पिप्पल्यादि काथ .... .... | ” | बृहद्राक्षादि काथ .... | १९४ |
| पिप्पलीका अवलेह .... | ” | लघुराक्षादि .... | ” |
| वातपित्तज्वरका निदान और चिकित्सा | ” | त्रिवृतादि मलभेदन .... | ” |
| वातपित्तज्वरका पाचन त्रिफलादिकाथ | १८७ | संनिपातस्वेदहर .... | १९५ |
| शालिपर्ण्यादि कल्क.... .... | ” | नस्यविधान .... | ” |
| किरातादि काथ .... .... | ” | प्रधमनविधि .... .... | ” |
| पंचभद्र काथ .... .... | ” | अंजनविधि .... .... | ” |
| पित्तकफज्वरका निदान और चिकित्सा | ” | निष्ठीवनविधि .... .... | १९६ |
| पित्तकफज्वरका पाचन शुंठ्यादिकाथ | १८८ | सन्निपातमें विशेषता .... | ” |
| द्राक्षादि काथ .... .... | ” | कर्णमूलका निदान और चिकित्सा | १९८ |
| गुडूच्यादि काथ .... .... | ” | कर्णशोथ ऊपर लेप.... .... | ” |
| अन्य गुडूच्यादि काथ .... | ” | दूसरा लेप .... .... | ” |
| पटोलादि काथ .... .... | १८९ | व्रणरोपण औषध .... .... | १९९ |
| अन्यपटोलादि काथ.... .... | ” | कर्णशोथवालेको पथ्य .... | ” |
| वातकफज्वरका निदान और चिकित्सा | ” | अंतर्दाहका कारण.... .... | २०० |
| आरग्वधपंचक .... .... | ” | अंतर्दाहकी चिकित्सा .... | ” |
| क्षुद्रादि पाचन .... .... | १९० | बाह्यदाहका कारण और चिकित्सा | ” |
| पर्पटादि काथ .... .... | ” | शरीर शीतल और आधा गरम होनेका | |
| दशमूल काथ .... .... | ” | कारण और चिकित्सा.... .... | ” |
| त्रिदोषजज्वरका निदान और चिकित्सा | ” | शीतल अंगमें गरम करनेकी चिकित्सा | २०१ |
| त्रिदोषजज्वरकी यशःप्रापक चिकित्सा | ” | गर्मीका उपचार .... .... | ” |
| सन्निपातज्वरका लक्षण और चिकित्सा | १९१ | शीतत्वका उपचार.... .... | २०२ |
| सन्निपातज्वरकी चिकित्सा .... | ” | ज्वरादिकोंका कारण वायु है .... | ” |
| दशांग काथ .... .... | १९२ | ज्वरमुक्तिका लक्षण.... .... | ” |
| भूनिम्बादि काथ .... .... | ” | ज्वर उतरनेका लक्षण .... | ” |
| शुंठ्यादि क्वांथ .... .... | ” | ज्वर नहीं उतरनेका और लौट | |
| मुस्तादि क्वाथ .... .... | १९३ | आनेका लक्षण.... .... | ” |
| बृहत्यादि काथ .... .... | ” | विषमज्वरका लक्षण और चिकित्सा | २०३ |
| शख्यादि पाचन .... .... | ” | एकाहिक ज्वरका लक्षण .... | ” |