हित चौरासी (गोस्वामी हित हरिवंश - राधासुधानिधि एवं ललितचरण गोस्वामी सविस्तार सटीक)

हित चौरासी (गोस्वामी हित हरिवंश - राधासुधानिधि एवं ललितचरण गोस्वामी सविस्तार सटीक)
Hit Chaurasi of Goswami Hit Harivansh with Commentary
गोस्वामी हित हरिवंश द्वारा
DevanagariHindipublished275 पृष्ठ
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॥ श्रीहरिवंश ॥ ॥ श्रीराधा वल्लभ ॥ श्रीगुरु-वन्दना नमो० नमो जय श्रीहरिवंश। रसिक अनन्य बेनु कुल मण्डन, लीला मान सरोवर हंस॥ नमो जयति वृंदावन सहज माधुरी, रास विलास प्रसंस। आगम-निगम अगोचर राधे चरन सरोज व्यास अवतंस॥
- दास हितदास श्रीइष्ट देव वन्दना शृंगार रस माधुर्य्य सार सर्वस्व विग्रहे। नमो नमो जगद्वन्द्ये वृन्दावन महेश्वरि॥ हे वृन्दावन की महामहिम स्वामिनि ! हे जगत् वन्दनीया! हे श्रृङ्गार, रस, माधुरी की सार सर्वस्व मूर्ति !! आपके श्रीचरणों में बार-बार नमन है।
- कृपा भिखारी दीन हितदास