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हितोपदेशः (हिन्दी अनुवाद सहित)

हितोपदेशः (हिन्दी अनुवाद सहित)

by नारायण पण्डित

Source: हितोपदेशः (हिन्दी अनुवाद सहित) · चौखम्बा विद्याभवन · 2017 (origin)

DevanagariHindipublished302 pages

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१५ पृष्ठ श्लोक कुमार्गी राजाके मंत्रीकी निन्दा २२७ १६ राजाको मंत्रीका अवलंबन २२७ १७ समानके साथभी मेलका उपदेश २२८ १९ ब्राह्मण क्षत्रिय आदिकी पूज्यता २२९ २० मेल करनेके योग्य ७ मनुष्य २२९ २१ संधि (मेल) की प्रशंसा २३०,२३१ २२ से २८ तक. संधि करनेके लिये \Bigg} २३२,२३३,२३४ ३४ से ४७ अयोग्य २० पुरुष अयोग्य पुरुषोंके साथ \Bigg} युद्ध न करनेका २३२,२३३,२३४ ३४ से ४७ तक. कारण तथा फल नीतिज्ञनकी प्रशंसा २३४ ४८ राजाका चक्रवर्ती होनेका उपाय २३५ ४९ विश्वास दे कर फँसाना २३६ ५१ अपने समान दुर्जनको भी \Bigg} २३६ ५२ सत्यवादी जाननेसे हानि सज्जनको दुष्टोंके वचनसे \Bigg} २३७ ५३ बुद्धिकी भ्रष्टता क्षुधापीडितका कर्तव्य २३९ ५४ धर्महीन पुरुषका लक्षण २३९ ५५ अभयप्रदानकी प्रशंसा २४० ५६ शरणागतके रक्षाकी प्रशंसा २४० ५७ कार्य पड़ने पर शत्रुको मित्र मानना २४१,२४२ ५९,६० संसारकी अनित्यता \Bigg} २४३-२४६ ६२ से ८२ तक. आदिका वर्णन रागियोंको वनका दोष और \Bigg} २४७ ८४,८५ विरक्तताका उपदेश जलसे अन्तरात्माका शुद्ध न होना २४८ ८६ २.

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