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इच्छानुसार संतान

इच्छानुसार संतान

Ichhanusar Santan

by बीरेन्द्र गुप्त (Virendra Gupta)

Source: Mumukshu Bhawan Varanasi Collection - इच्छानुसार सन्तान · अश्विनी कुमार, प्रकाशन मन्दिर / वीरेन्द्र नाथ (origin)

Devanagarihipublished250 pages

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गाहस्थ जीवन को सुखमय एवं सम्पन्न बनाने वाले हैं। प्रत्येक विषय को पूर्ण रूप से स्पष्ट करने में लेखक ने अपने अनुपम कौशल का परिचय दिया है।

यद्यपि प्रस्तुत पुस्तक में अधिकतर प्राचीन विचारधारा एवं आचार पद्धति का ही विशेष रूप से उल्लेख किया है परन्तु नवीनतम विचारधारा पर भी यथास्थान उचित प्रकाश डाला है। सन्तति निरोध का प्रश्न आज की उत्तरोत्तर बढ़ती हुई जनसंख्या को रोकने के लिये महत्वपूर्ण बन गया है। इसके अनेकानेका आधुनिकतम उपाय प्रचलित हैं जिनसे संयम की भावना तो उपेक्षित हो जाती है। प्रत्युत विलासिता की भावना और बढ़ जाती है जिसके कारण हमारे बुद्धि, बल और स्वास्थ्य को अत्यन्त हानि पहुँचाती है। परन्तु इस पुस्तक के कुशल लेखक ने सन्तति निरोध के विषय पर जो शिष्ट सम्मत अपना विचार प्रस्तुत किया है वह भूरि-भूरि प्रशंसनीय है।

परमपिता परमात्मा से प्रार्थना है कि लेखक ने जिस हित भावना से इस पुस्तक को प्रकाशित किया है वह इसके अधिकाधिक प्रचार से सफल सिद्ध हो तथा नवयुवकों से निवेदन है कि वे इस पुस्तक के अध्ययन एवं मनन से अपने जीवन को तदनुरूप बनाने की सफल चेष्टा करें।

विदुषां वशवंद—

भगवत् सहाय शर्मा

(आचार्य)

पुरादाबाद

१५-५-५८

इच्छानुसार सन्तान

वीरेन्द्र गुप्तः

CC-0. Mumukshu Bhawan Varanasi Collection. Digitized by eGangotri