कबीर मन्शूर (स्वसंवेदार्थ प्रकाश)
Kabir Manshoor (Svasamvedarth Prakash)
by कबीर साहेब
Source: कबीर मन्शूर स्वसंवेदार्थ प्रकाश · खेमराज श्रीकृष्णदास (origin)
Page 757 of 1367
Read in contextदेखकर अपने मनमें ख्याल किया कि, हे खुदा ! ऐसी कुरूपता के साथ कौन विवाह करना पसन्द करेगा । अतः वह लड़की सुलेमानकेही गले पड़ी उस लड़कीकेही हिस्सेकी मछलीके पेटसे वह अंगूठी निकली, जिससे सुलेमान पुनः अपने राजा सनपर आसीन हुआ था । सुलेमानने उस लड़कीके साथ विवाहभी किया, उसके साथ भाड़भी झोंका, इन बातोंको सुलेमानोंकी हदीसोंमें दृढ़ना चाहिये । इस जगह मुझको एक उदाहरण याद आया है कि—
जब रामचन्द्र बनमें फिरते हुए दण्डकारण्यमें आये तो शिवरी भीलनीके हाथके बैर खाकर लक्ष्मणजीसे भी कहा कि, तुम भी इनको खाओ । लक्ष्मणने कहा कि, महाराज ! मैं तो भीलनीके हाथ कान खाऊँगा, रामचन्द्र चुप होरहे । जब मेघनादने बाण मारा और लक्ष्मणजी अचेत होगये उनके जीवनकी कोई आशा नहीं रही । तब हनुमानजी सञ्जीवनी बूटी लाये वह लक्ष्मणके मुंहमें दी उसी बूटीसे लक्ष्मणके प्राण बचे । तब रामचन्द्रने कहा कि, हे लक्ष्मण ! जिससे तुम घृणा करते थे उसी बेरके बीजसे यह सञ्जीवनी बूटी हुई है जिससे तुम्हारे प्राण बचे हैं । इस कारण किसीको घृणाकी दृष्टिसे देखना और अपनेको अच्छा जानना परमेश्वरका कोप अपने ऊपर उपस्थित करना है । ईश्वरोंके लिये भक्तों का आदर ही उचित है ।
सुलेमान बादशाहकी प्रशंसा मुसलमानी पुस्तकोंमें बहुत लिखी हुई है । पुराने अहदनामसे भी प्रमाणित है कि, खुदाने सुलेमानको विज्ञान, पैगम्बरी और बादशाहत तीनों प्रदान करके कहा कि, तुम्हारे समान दूसरा न होगा । इस सुलेमानका हाल पढ़कर संसारकी बादशाही पैगम्बरी और हिकमत सभी तुच्छ और जान निकृष्ट पड़ती हैं ।
९—योहन्सानवी—सुलेमान नबीके पीछे योहन्ना नबी जिकरियाका पुत्र बड़ा प्रेमी हुआ है जब वह अपनी माताके गर्भमें आया तो (इञ्जीलके अनुसार) गर्भमेंही नूरैल्लाहीसे भरपूर होगया था । यह मनुष्य ईश्वरी भयसे सदैव रोया करता था । हजरत ईसाने निज मुखसे प्रशंसा की कि, जितने नबी पूर्वसे अब-तक पृथ्वीपर आये-योहन्नासे बढ़कर कोई नहीं है । मतीके (११) बाबकी (११) आयतको देखो कि, योहन्ना जब कैंदमें था तब मसीहके पास उसने अपने दो शिष्योंको भेजा । जिसमें जाने कि, आप वही मसीह है जिसकी कि हम आशा करते थे, या हम किसी अन्य मसीहकी प्रतीक्षा करें । तब ईसाने उन शिष्योंके द्वारा कहला भेजा कि, जो कुछ तुम देखते हो उससे जानो मेरी लीलाओंसे मुझको पहचानो । यह स्पष्ट रूपसे नहीं कहा कि, मैं वही मसीह हूँ और न