भारतकोश
कबीर मन्शूर (स्वसंवेदार्थ प्रकाश)

कबीर मन्शूर (स्वसंवेदार्थ प्रकाश)

Kabir Manshoor (Svasamvedarth Prakash)

कबीर साहेब द्वारा

स्रोत: कबीर मन्शूर स्वसंवेदार्थ प्रकाश · खेमराज श्रीकृष्णदास (उद्गम)

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पृष्ठ 771

सब जीव तथा ईश्वर है पर भक्त कम्मोंके वश नहीं भक्तोंकी तो बात निराली है, कबीर साहबने कहा है कि —

विरह भुयझूम तन डस्यो, मंतर लगे न कोय ।

राम बियोगी ना जिये, जिये तो बौरा होय ॥

सो वह मनुष्य जिसने कुछ बात जानली उसको इस संसारके लोग पागल कहा करते हैं । भर्तृहरि योगी जो ब्रह्मा विष्णु और शिव इत्यादिको कम्मोंके बन्धनमें बताता है वह स्वयम् कम्मोंके बन्धनसे छूटनेकी युक्ति नहीं जानता । सब योगी कम्मोंके बन्धनमें ही फँसे हुए हैं ।

पुनर्जन्म पर भारतीय दर्शन

४—न्याय शास्त्रका यही न्याय है कि, आवागमन ठीक है वैशेषिक भी इसीके पक्षमें ।

५—मीमांसा और पातञ्जलि सांख्यसे भी उससे सहमत हैं ।

६—सांख्य तथा बुद्ध धर्म भी यही कहता है कि, जीवोंका आवागमन है ।

७—जैन धर्म समानता रखता है और सर्व भारतके ज्ञानियों और विद्वानों की पुनर्जन्मके विषयमें एकता है । सभी पुनर्जन्मको मानते हैं जितने भी पूर्वके दार्शनिक हैं सभी पुनर्जन्मके पक्षपाती हैं ।

८ आवागमनपर तौरीत—मूसाकी पहली पुस्तकसे आदमकी उत्पत्ति तथा आवागमनका स्वरूप दिखाता हैं । यदि आदम पैगम्बर पूर्वजन्मके कम्मोंसे दुखी न होता तो उसकी वैसी अवस्था भी कभी न होती जैसी कि, अवस्थामें वह अदन की बाटिकामें फँसाया । उसके पूर्वजन्ममें कम्मोंकी गन्दगीने उसको इस अवस्थामें डाल दिया । यदि आदम कम्मोंसे पृथक् होता तो उसमें किसी प्रकारकी इच्छा न होती । वह तो अवश्य ही अपने पूर्वजन्मोंके कम्मोंसे घिरा हुआ था । वह अपने यथार्थसे पूर्ण तथा अनभिज्ञ था वह कुछ नहीं जानता था कि, मैं क्या था अब क्या हूँ? उसका पुनर्जन्म मैं स्पष्ट सिद्ध करता हूँ । उसके पुनर्जन्मसे सर्व मनुष्योंका पुनर्जन्म प्रगट होगा, यह खुदाका बेटा आदम जब उत्पन्न हुआ तब उसकी अवस्था मनुष्यों के बच्चेकोसी थी । उसका मन वासनाओंसे भरा हुआ था, मुझे खूब खाना पीना तथा सैर कौतुककी वस्तुएँ प्राप्त हों । उसकी इच्छानुसार खुदाने अदनके बगीचेको बनाया । आदममें मनुष्योंके बच्चोंके सब चिन्ह दिखाई देते थे तनिक भी विभिन्नता नहीं थी । जैसे अनजाने दूध पीते बच्चे होते हैं वैसाही वह भी था । तौरीत कुरान और हदीसोंमें उसका समस्त वृत्तान्त देखलो । उसके पिता खुदाने उसके भोगके सब सामान एकत्रित कर दिये, उसके लिये विश्रामके सब आयोजन तो