कबीर मन्शूर (स्वसंवेदार्थ प्रकाश)
Kabir Manshoor (Svasamvedarth Prakash)
कबीर साहेब द्वारा
स्रोत: कबीर मन्शूर स्वसंवेदार्थ प्रकाश · खेमराज श्रीकृष्णदास (उद्गम)
पृष्ठ 796, कुल 1367 में से
संदर्भ में पढ़ेंशाप दूँ ? तब बालकशाहने बलआमको बहुतसा द्रव्य तथा उत्तमोत्तम भेंट भेजे । बलआमके मनको अपने वशमें कर लिया । बलआमने ईशको शाप दिया तीन बार ईश परास्त हुआ । उसने खुदासे निवेदन किया कि, ऐ खुदा ! तूने इस जातिको वरदान दिया । अब परास्त क्यों किया ? तब आवाज आई कि, ऐ ईश तेरे लिये बलआम शाप देता है इस कारण तू पराजित हुआ है । ईशने प्रार्थना की, कि ऐ खुदा ! बलआमकी तपस्याका सब बल नष्ट करदे । तब बलआमकी सब सिद्धाई जाती रही ।
पूर्वजन्मका कुत्ता—यह बलआम पूर्वजन्ममें असहाक कहफका कुत्ता था । अपने पूर्वकालके शुभकर्मोंसे बलआमकी देहमें आतेही इसने बड़ी भक्ति की पर्वतोंकी गुफाओंमें जाकर बन्दना करता था तीनसौ बरसका सिद्ध था । ईशके विरुद्ध होनेसे उसकी सिद्धाई तो विलुप्त होगई पर खुदाने उसपर दया की वह वैकुण्ठको गया । मुसलमानी पुस्तकोंमें मैंने पढ़ा था कि, यह मनुष्य बड़ा विद्वान था । इसी प्रकार मनुष्यके शरीरमें पशु आवागमन करते हैं । मनुष्यके शरीरमें आकर सुकर्म करते हैं तो वैकुण्ठको जाते हैं, कुकर्मोंसे चौरासी लाख योनिमें आवागमन किया करते हैं नरकको भी चले जाते हैं । आवागमनके सम्बन्ध कभी भी नहीं टूटता, तुदफये असनाय अशरामें लिखा है यही हदीदमें भी आया है कि, असहाक कहफके कुत्तेकी रूह बल अमबाऊर (जिसमें मूसाके विरुद्ध बनी इसराईलको शाप दिया था) के चोलामें प्रवेश करके विहिश्त गये ।
४१ इस्लामी फिरके—करावत, कामला, मनसूरिया, मुफसिसला आदि सब फिरके तनासुखको मानते हैं उसको सभी स्वीकार किये बैठे हैं मुसलमानोंका मुतना सिखिया फिर्का कहता है कि, आत्माका बराबर आवागमन होता है ।
४२—मुहम्मदियोंका ग्यारहवां फिरका जो राजियाके नामसे प्रसिद्ध है । इस राजीअ जातिके लोग कहते हैं कि, हजरतअली पुनः संसारमें आवेंगे अभी वे बादलमें हैं ।
४३—मुसलमानोंके अठत्तरवें फिर्काका नाम तयारिया है । उनका विश्वास यह है कि, हजरत आदममें खुदाकी आत्मा थी । जब मनुष्यकी आत्मा देहसे निकल जाती है फिर दूसरे शरीरमें होकर संसारमें आया जाया करती है ।
४४—मुहम्मदियोंका छियासीवां फिर्का इसमाईलियाके नामसे प्रख्यात है । तारीखनिगारिस्तान और तारीख गिरिन्दा और विशेषतः जीन तुलतारीखमें लिखा है कि, इस जातिका विश्वास है कि, कुरान मनुष्यकी बनावट है किसी पक्के जालसाजद्वारा बनी है । क्योंकि, इसमें मिथ्याको सत्यके साथ