कबीर मन्शूर (स्वसंवेदार्थ प्रकाश)
Kabir Manshoor (Svasamvedarth Prakash)
कबीर साहेब द्वारा
स्रोत: कबीर मन्शूर स्वसंवेदार्थ प्रकाश · खेमराज श्रीकृष्णदास (उद्गम)
पृष्ठ 833, कुल 1367 में से
संदर्भ में पढ़ेंक्योंकि, वह बड़ा ही विषैला फल था । इस प्रकार बन्दरने बुरेको बुरा और अच्छेको अच्छा फल दे दिया ।
शराबी बन्दर—पञ्जाब देशके कोटकोगडमें एक मनुष्य मंदिरा पी रहा था । उसके निकट एक बन्दर भी आकर बैठ गया । उसने उसको भी मंदिरा पिला दी । बन्दर उसको पी प्रसन्न हो एक रुपया लेकर उस मनुष्यके सामने रख दिया । दूसरे दिन जब वह मनुष्य मंदिरा पीने लगा तो वह बन्दर आ बैठा, उसने फिर मंदिरा पिलाई । उस बन्दरने फिर एक रुपया लाकर शराबीको दे दिया । इसी प्रकार कुछ दिन होता रहा । उस मनुष्यने विचार कि, यह बन्दर रोज रोज कहाँसे रुपया लाता है यह जानना चाहिये यह शोच एक दिन उस बन्दरको भली प्रकार मंदिरा पिलाकर मस्त कर दिया जब वह बन्दर चला तब वह भी उसके पीछे छिपकर चला । वह बन्दर पर्वतकी एक खोहमें घुस गया वह शराबी गुप्त रीतिसे उसका गृह देखकर चला आया । दूसरे दिन एक मनुष्य को बैठा रखा उसको सिखा दिया कि, तू इस बन्दरको मंदिरा पिलाता रह, जब वह बन्दर अपने समय पर आया तो दूसरा मनुष्य उसको मंदिरा पिलाने लगा । वह बन्दर तो मंदिरा पीनेके ध्यानमें रहा । वह, शराबी बन्दरकी आँख बचाकर उसके मकानपर गया देखा कि, एक लोटा रुपयोंसे भरा धरा है उस बर्तनको लेकर अपने घर चला आया । बन्दर अपने घरको गया तो देखा कि, रुपयोंका बरतन नहीं है । फिर जब दूसरे दिवस वह बन्दर नियमित समयपर मंदिरा पीने न आया तो शराबी उस बन्दरके घर गया तो देखा कि, वह मरा पड़ा है ।
पूर्वजन्मवेत्ता —एडिसन नामक एक अंग्रेजी पुस्तक है । उसमें यह कहानी लिखी हुई है कि, एक मनुष्यके यहाँ एक बन्दर था । एक दिन उस घरके सभी आदमी कहीं चले गये थे, उस बन्दरको वह घर खाली तथा सुनसान रह गया कोई मनुष्य नहीं रहा । उस समय उसने जब मकान खाली देखा तो कूदकर कुरसी पर बैठ गया कागज लेखनी तथा मसि आदि लेकर अपने पूर्वजन्मका सारा हाल लिखने लगा कि, अमुक बादशाहका मैं मंत्री था, अपने बादशाहकी बड़ी शुभचिन्तकता किया करता था, बादशाहका भण्डार भरनेका विचार दिन रात रखता था, इसी कारण प्रजाके साथ अत्याचार किया करता था, उनपर अन्याय करता था समस्त प्रजा अत्याचारसे पीड़ित होकर बादशाहके सामने जा न्यायके लिये प्रार्थना करने लगी । बादशाहने मेरा प्रत्यक्षमें दोष देखा तो उसने तीर कमान लेकर मुझको मार डाला, मैं मरकर मंत्रीका शरीर छोड़ अब बन्दरकी देहमें हो गया हूँ । इस प्रकार वह बन्दर अपना सारा