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कबीर मन्शूर (स्वसंवेदार्थ प्रकाश)

कबीर मन्शूर (स्वसंवेदार्थ प्रकाश)

Kabir Manshoor (Svasamvedarth Prakash)

by कबीर साहेब

Source: कबीर मन्शूर स्वसंवेदार्थ प्रकाश · खेमराज श्रीकृष्णदास (origin)

Devanagarihipublished1,367 pages

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इस प्रकारसे गंगाजी नदीरूपसे देवी करके जगत् प्रसिद्ध हैं। गंगाजीके दर्शनोंकी कथा भी प्रायः प्रख्यात है।

इसी प्रकारसे देवी भागवतके उसी अध्यायमें गंडकी, सरस्वती, लक्ष्मी यमुना आदि नदियोंकी भी कथाएँ विस्तारपूर्वक लिखी हैं। जिसको देखना हो देखले।

तात्पर्य—ऐसे २ सहस्रों उदाहरण हैं जो कि, जड़ चैतन्यके आत्माकी एकता सिद्ध करते हैं। चैतन्य जड़स्वरूपमें जाता है और जड़ चैतन्य हो जाता है।

इसलामी पुस्तकें और हदीसें।

मुसलमानी पुस्तकोंमेंभी इस प्रकारका बहुत वर्णन आता है। जिनसे यह बात सुतरां सिद्ध हो जाती है।

जमीनोंकी आपसकी बातें—सफर सआदत नामक किताबमें लिखा है कि, रसूल खुदाने फरमाया कि, जमीने आपसमें बात करती हैं कि, आज मुझपर कोई मुसल्ला बिछा किसीने निमाज पढ़ा कि, नहीं।

प्यालेका आशीर्वाद—हदीस तरमजी और अविनमाजःमें लिखा है कि, मुहम्मद साहब कहते हैं कि, कोई प्यालेमें खावें उसको चाट कर साफ करे तो प्याला उसके हकमें इस्तगफार करता है। मसकात शरीफमें लिखा है कि, प्याला उसके लिये कहता है कि, अल्लाह तुझे दोजखकी आँचसे मुक्त करे जैसे कि, तूने मुझको आजाद किया है।

इन्द्रियोंकी गवाँइयाँ—लिखा है कि, कयामतके दिन सब आदमियोंको उनके फेल नामे दिये जावेंगे। पढ़े अन पढ़े सब अपने २ आमाल नामे पढ़ लेवेंगे जब गुनहगार अपना अमाल नामा पढ़ेगा तो पुकारेगा कि, यह झूठ लिखा है, मैंने इनमेंसे एक भी गुनाह नहीं किया है। खुदा उनको समझावे कि, तुमने अवश्य किया है। रोज मुनिकिर नकीर तुम्हारे गुनाहोंके लिखते थे। इस पर भी जब न मानेगा उनके शरीरके सब अंग गवाही देंगे, सब इन्द्रियाँ बोलेंगी अपने कर्मोंको प्रगट करेंगी। गुणहगार लाचारीसे मान लेवेगा, उनके गुनाहोंके अनुसार उनके माथेपर चिन्ह किया जावेगा।

सजीवमूर्तियाँ।

लात १ मनात २ गुरों नामक तीन देवियाँ बड़ी प्रतिष्ठित थीं, जिन्होंको रैश जातिवाले—अरबदेशमें (पूजते थे। मुहम्मद साहबने उनके मन्दिर और मूर्तियोंको तोड़ा तो मन्दिरमेंसे कालीर मूर्तियाँ स्त्रियोंका रूप धारण कर जीवित