कबीर मन्शूर (स्वसंवेदार्थ प्रकाश)
Kabir Manshoor (Svasamvedarth Prakash)
कबीर साहेब द्वारा
स्रोत: कबीर मन्शूर स्वसंवेदार्थ प्रकाश · खेमराज श्रीकृष्णदास (उद्गम)
पृष्ठ 959, कुल 1367 में से
संदर्भ में पढ़ेंहोकर रोती हुई बाहर निकलीं जिनको २ मुहम्मद साहबने कत्ल कर डाला, मौलवी अमाउद्दीन कृत किताब तालीम मुहम्मदी देखो ।
जमीनकी जिबराईलसे बातें—अजाय बुलकिस में लिखा है कि, जब खुदाने जिबराईलको हुकुम दिया कि, जमीन परसे मिट्टी ले आओ, जिससे आदमका पुतला बनाया जावे । खुदाकी आज्ञानुसार जब जिबराईल पृथ्वीपर आकर मिट्टी लेने लगे उस समय पृथ्वी रोई कहा कि, मुझसे मिट्टी मत लो ।
बड़ी मूर्तिकी बातें—तारीख मुहम्मदी और दूसरे हदीसोंमें लिखा है कि, मुहम्मद साहबका जन्म हुआ तो पृथ्वीकी सभी मूर्तियाँ गिर पड़ीं । कुरैश जातिकी सबसे बड़ी मूर्ति तीन बार मुँहके बल गिरी लोगोंने प्रत्येक बार खड़ा किया वह बोली कि, मुहम्मदसे मैं खड़ी नहीं रह सकती ।
जिस समय मुहम्मदसाहबका जन्म हुआ उस समय कंसरा बादशाहका महल कौषा उसके चौदह कँगूरे गिर गये ।
वृक्षोंकी सलाम—मुसलमानी किताबोंमें लिखा है कि, वृक्ष दीवार स्थावर आदि सब मुहम्मद साहब को सलाम करते थे पर उसको मुहम्मद साहबके अतिरिक्त दूसरा कोई नहीं जानता था ।
पशुबल—नशकातमें कब्रकी कठिनताके बारेमें लिखा कि, जब कब्र गुनहगारोंको दबाती है तो पशु उनकी चिल्लाहटको सुनते हैं । खुदाने पशुओंमें मनुष्यसे भी बढ़कर ताकत दी है वेही सुन सकते हैं दूसरे नहीं सुन सकते ।
गदहावों फिरस्ते—तौरैतमें लिखा है कि, जब बलःआम गदहेपर सवार हो बनी इसराईलको शाप देने चला तो पहले गदहेनेही तलवार लिये फिरिस्तोंको देखा पीछे वे बल आमकी दृष्टिमें आये ।
पत्थर और दाऊदकी बातें—तारीख मुहम्मदी और हदीसोंमें लिखा है कि, साहिल नाम बादशाहने शर्त की थी कि, जो कोई जालूतको मारेगा उसको अपनी बेटी और आधा राज्य दूंगा ।
बनी इसराईलको खुदाने आज्ञा दी कि, दाऊदके हाथसे जालूत मारा जावेगा । दाऊद जालूतको मारने जा रहा था, रास्तेमें तीन पत्थर मिले, तीनोंने मनुष्यकी भाषामें दाऊदसे कहा कि, हे दाऊद ! हमसे जालूतको मार, तब जालूत मरेगा, दाऊदने वैसाही किया बादशाहकी बेटी तथा आधा राज्य पागया ।
कूआंका रोना—बहुरलअभवाजने लिखा है कि, यूसुफके भाइयोंने उन्हें कूयेमें डाल दिया, अरबके सौदागरने उन्हें निकाला तो कूआं यूसुफकी जुदाईमें बहुत रोया ।