कबीर सागर (11 भाग संपूर्ण)
Kabir Sagar (11 Parts Complete)
कबीर साहेब / खेमराज श्रीकृष्णदास द्वारा
स्रोत: खेमराज श्रीकृष्णदास प्रकाशन, बम्बई - कबीर सागर सम्पूर्ण ११ भाग · खेमराज श्रीकृष्णदास (उद्गम)
पृष्ठ 453, कुल 2136 में से
संदर्भ में पढ़ेंसत्यसुकृत, आदि अदली, अजर, अचिन्त, पुरुष, मुनीन्द्र, करुणामय, कबीर, सुरति योग, संतायन, धनी, धर्मदास, चूरामणि नाम, मुदर्शन नाम, कुलपति नाम, प्रमोध, गुरुबालापीर, केवल नाम, अमोल नाम, सुरतिसनेही नाम, हक नाम, पाक नाम, प्रगट नाम, धीरज नाम, उग्रनाम, दया नामकी दया, वंशव्यालीसकी दया
★
श्री बोधसागर
अथ प्रथमस्तरंगः
धर्मदासबोध-ज्ञानप्रकाश
सत्य सुकृत सतगुरु सतनामा । सत्यपुरुष सन्तन सुखधामा ॥ सत्यपुरुष सतलोक निवासी । दुखनाशक अविचलसुखरासी ॥ अमी अमान सो सत्य कहाये । अभै विद्यमान कहि गाये ॥ अविगति अलख अनाम सरूपा । अगह अडोल अबोल अत्रुपा ॥ अजर अजावन सो निःस्वादी । निःकामी निरमोह अनादी ॥ निःकोधी निरवैर निशङ्का । गुणातीत निर्द्वन्द निकलङ्का ॥