कामसूत्रम् (जयमङ्गला व्याख्या एवं हिन्दी टीका सहित)

कामसूत्रम् (जयमङ्गला व्याख्या एवं हिन्दी टीका सहित)
Kamasutram of Vatsyayana with Hindi Commentary
महर्षि वात्स्यायन / यशोधर इन्द्रपाद द्वारा
DevanagariSanskritpublished353 पृष्ठ
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विषयानुक्रमः ।
| पृ० | पृ० | |
|---|---|---|
| ५ अध्याये | ||
| ५७ लाभाविशेषाः प्रकरणम् | ३०८ | ३१६ |
| ६ अध्याये | ||
| ५८ अर्थानर्थानुबन्धसंशयवि-चारा वेश्याविशेषाः,, | ३१६ | ३२८ |
७ अधिकरणे
| पृ० | पृ० | |
|---|---|---|
| १ अध्याये | ||
| ५९ सुभगङ्करणं प्रकरणम् | ३२९ | ३३३ |
| ६० वशीकरणम् ,, | ३३३ | ३३५ |
| ६१ वृष्ययोगाः ,, | ३३५ | ३३८ |
| २ अध्याये | ||
| ६२ नष्टरागप्रत्यानयनम्,, | ३३८ | ३४२ |
| ६३ वृद्धियोगाः ,, | ३४२ | ३४३ |
| ६४ चित्रयोगाः ,, | ३४३ | ३४५ |
| शास्त्रोपसंहारः | ३४५ | ३४६ |
कामशास्त्रसमाप्तिः ।
अत्र शास्त्रे-
अधिकरणानि ७
अध्यायाः ३६
प्रकरणानि ६४
सूत्राणि १६६४
श्लोकाः—१२५०