कथासरित्सागर : प्रथम खण्ड (लम्बक १ से ५)
by महाकवि सोमदेव भट्ट
Source: कथासरित्सागर : प्रथम खण्ड (लम्बक १ से ५) · बिहार राष्ट्रभाषा परिषद्, पटना · 1960 (origin)
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Read in contextषष्ठ तरंग ३७५-४०७ वत्सराज की कथा (क्रमशः) ३७५ फठमृति की कथा ३७५ रानी कुवलयावली द्वारा कही गई कथा ३८१ मघपति की कथा ३८३ स्वामी कार्तिकेय की उत्पत्ति ३८५ कालरात्रि की कथा ३९१। नरवाहनदत्त जनन नामक चतुर्थ लम्बक ४ १-४७९ प्रथम तरंग ४ १-४२९ राजा उदयन की कथा (क्रमशः) ४ १ वत्सराज का मृगया-वर्णन ४११ वत्सराज को नारदजी का उपदेश ४११ राजा पाण्ड की कथा ४११ पिंगलिका ब्राह्मणी की कथा ४१५ राजा देवदत्त और उसकी वेश्या-पत्नी की कथा ४१७ पिंगलिका की आत्मकथा ४२३। द्वितीय तरंग ४२९-४६५ वत्सराज की कथा पुत्रजन्म ४२९ जीमूतवाहन की कथा ४३३ जीमूतवाहन के पूर्वजन्म की कथा ४३७ जीमूतवाहन और मलयवती का विवाह ४५३ कद्रू और विनता की कथा ४५५ नागों के लिए जीमूतवाहन का आत्मसमर्पण ४५७। तृतीय तरंग ४६५-४७९ वासवदत्ता का स्वप्न ४६५ सिंहविक्रम और उसकी कलहकारिणी भार्या की कथा ४६९ मन्त्रियों के पुत्रों की उत्पत्ति ४७३ नरवाहनदत्त का जन्म ४७३। चतुर्दारिका नामक पञ्चम लम्बक ४८१-५९७ प्रथम तरंग ४८१-५१५ वत्सराज की सभा में शक्तिवेग का आगमन ४८१ कनकपुरी और शक्तिवेग की कथा ४८१; शिव और माधव नामक द्यूतों की कथा ४९३ हरस्वामी की कथा ५११। द्वितीय तरंग ५१५-५५७ शक्तिदेव का कनकपुरी देखने के लिए जाना ५१५ असाध्यदत्त और राक्षसराज कपाल- स्फोट की कथा ५२५ अशोकदत्त और विद्युत्प्रभा की विवाह-कथा ५४१। तृतीय तरंग ५५७-५९७ शक्तिदेव का कनकपुरी के लिए प्रस्थान ५५७ शक्तिदेव का पुनः वर्द्धमान नगर में आगमन ५६९ बिन्दुमती की कथा ५७९ देवदत्त ब्राह्मण की कथा ५८१ शक्तिदेव द्वारा विद्याधरत्व की प्राप्ति ५९१ शक्तिदेव का विद्याधरियों के साथ विवाह ५९५। मदनमंचुका नामक षष्ठ लम्बक ५९९-८१५ प्रथम तरंग ५९९-६२९ नरवाहनदत्त की युवावस्था ५९९ राजा कलिगदत्त की कथा ६ १ सुरतमंजरी अप्सरा की कथा ६ ७ राजा धर्मदत्त की कथा ६११ सात ब्राह्मणों की कथा ६१५ एक ब्राह्मण और चाण्डाल की कथा ६१७ राजा विक्रमसिंह और दो ब्राह्मणों की कथा ६१९।