भारतकोश
माधव निदान (मधुकोश व्याख्या व हिन्दी अनुवाद सहित)

माधव निदान (मधुकोश व्याख्या व हिन्दी अनुवाद सहित)

Madhava Nidana with Madhukosha & Hindi Translation

माधवकर द्वारा

स्रोत: खेमराज श्रीकृष्णदास · खेमराज श्रीकृष्णदास (उद्गम)

DevanagariSanskritpublished404 पृष्ठ

पृष्ठ 44, कुल 404 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 44

( २६ ) माधवनिदान । सन्निपातके विस्फारकादि १६ भेदोंको कहते हैं-१ विस्फारक २ शीघ्र- कारी ३ कम्पन ४ बभ्र ५ विद्दारख्य ६ शर्कराख्य ७ भल्ल ८ कूटपालक ९ सम्मोहक १० पाकल ११ याम्य १२ संग्राम १३ क्रकच १४ कर्कोटक १५ दारिक १६ व्याल- कृति इन १६ सन्निपातोंके लक्षण ग्रन्थ बढनेके भयसे हमने नहीं लिखे । अब प्रसंगवशसे सम्पूर्ण सन्निपातोंकी उत्पत्ति और सम्प्राप्ति ग्रन्थान्तरोंसे लिखते हैं- अम्लास्निग्धोष्णतीक्ष्णैः कटुमधुरसुरातापसेवाकषायैः कामक्रोधातिरूक्षैर्गुरुतरपिशिताहारनीहारशीतैः । शोकव्यायामचिंताग्रहगणवनितात्यन्तसङ्गप्रसङ्गैः प्रायः कुप्यन्ति पुंसां मधुसमयशरद्वर्षणे सन्निपाताः ॥ १ ॥ खट्टा चिकना गरम तीखा कडुआ मीठा मद्य, सूर्यके घामसे आदि ले तापका सेवन, कसेला, काम क्रोध रूक्ष भारी मांस आदि पदार्थोंका सेवन, नीहार काल शीत शोक दंड कसरत आदि श्रम, चिंता भूतपिशाचकी बाधा, अत्यन्त स्त्रीसंग इन कारणोंसे और चैत्र वैशाख आश्विन कार्त्तिक श्रावण भाद्रपद इन महीनोंमें मनुष्योंके प्रायः सन्निपातोंका कोप होता है ॥ आमो ह्याहारदोषात्प्रथममुपचितो हंति वह्निं शरीरे श्लेष्मत्वं याति भुक्तं सकलमपि ततोऽसौ कफो वायुदुष्टः । स्रोतांस्यापूर्य्य रुंध्यादनिलमथ मरुत्कोपयेत्पित्तमन्तः संमूर्च्छार्यान्योन्यमेते प्रबलमिति नृणां कुर्वते सन्निपातम् ॥ २ ॥ आहारके दोषसे प्रथम संगृहीत जो आम सो देहकी अग्निको शान्त करे और मनुष्य जो कुछ खाया सो सब कफ होजाय और फिर इस कफको वायु दूषित करे तब ये पवनके बहनेवाली नाडियोंके मार्गमें प्राप्त हो उनको रोक दे तब पवन पित्तको कुपित करे ऐसे तीनों दोष अन्योन्य कुपित हों मनुष्योंके प्रबल सन्निपात रोग प्रगट करते हैं ॥ अब संधिकादि तेरह सन्निपातोंके नाम पृथक् २ लिखते हैं- संधिकश्चान्तकश्चैव रुग्दाहाश्चित्तविभ्रमः । शीतांगस्तंद्रिकः प्रोक्तः कण्ठकुब्जश्च कर्णकः ॥ ३ ॥ विख्यातो भुग्ननेत्रश्च रक्तष्ठीवी प्रलापकः । जिह्वकश्चेत्यभिन्यासः सन्निपातास्त्रयोदश ॥ ४ ॥

CC-0. JK Sanskrit Academy, Jammmu. Digitized by S3 Foundation USA

माधव निदान (मधुकोश व्याख्या व हिन्दी अनुवाद सहित) · पृष्ठ 44, कुल 404 में से · BharatKosha