माधव निदान (मधुकोश व्याख्या व हिन्दी अनुवाद सहित)

माधव निदान (मधुकोश व्याख्या व हिन्दी अनुवाद सहित)
Madhava Nidana with Madhukosha & Hindi Translation
माधवकर द्वारा
स्रोत: खेमराज श्रीकृष्णदास · खेमराज श्रीकृष्णदास (उद्गम)
DevanagariSanskritpublished404 पृष्ठ
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श्रीः । माधवनिदानकी-विषयानुक्रमणिका ।
| विषय. | पृष्ठाङ्क. | विषय. | पृष्ठाङ्क. |
|---|---|---|---|
| प्रथम भाग १. | सम्पूर्ण सन्निपातोंकी उत्पत्ति और | ||
| मंगलाचरण | १ | सम्प्राप्ति ग्रन्थान्तरोंसे | २६ |
| ग्रन्थकर्ताकी प्रतिज्ञा | ,, | सन्निपादि तेरह सन्निपातोंके नाम | ,, |
| अन्य निदानग्रन्थोंसे इसकी उत्तमता | २ | तेरह सन्निपातोंकी मर्यादा | २७ |
| रोग जाननेके पांच उपाय | ३ | उक्त सन्निपातोंमें साध्यासाध्य विचार | ,, |
| निदानके पर्यायवाचक शब्द | ४ | असाध्य कृच्छ्रसाध्यके लक्षण | ,, |
| व्याधिके प्राग्रूपका लक्षण | ,, | सन्निपादित्रयोदश सन्निपातोंके पृथक्पृथक् लक्षण | २८ |
| व्याधिके रूपके पर्याय शब्द | ५ | १ सान्निपातिक, २ अन्तक, ३ रुग्दाह | ,, |
| उपशयके लक्षण | ,, | ४ चित्तभ्रम ५ शीतांग, ६ तन्द्रिक ७ कण्ठकुब्ज | २९ |
| क्रमसे उदाहरण | ७ | ८ कर्णक, ९ भुग्ननेत्र, १० रक्तष्ठीवी | ३० |
| अनुपशयके लक्षण | ८ | ११ प्रलापक, १२ जिह्वक | ,, |
| सम्प्राप्तिके लक्षण | ,, | १३ अभिन्यास, सन्निपातोपद्रव | ३१ |
| सम्प्राप्तिके भेद | ,, | त्रिदोषज्वरोंकी साधारण मर्यादा | ,, |
| संख्यारूप सम्प्राप्तिके लक्षण | ९ | धातुपाकलक्षण, मलपाकलक्षण, आगंतुकज्वर | ३२ |
| विकल्परूप सम्प्राप्तिके लक्षण | ,, | विषजन्य आगंतुकज्वर | ३३ |
| प्राधान्यरूपसम्प्राप्तिके लक्षण | ,, | औषधगन्धजनित ज्वर | ,, |
| बलरूपसम्प्राप्तिके लक्षण | ,, | कामज्वरके लक्षण | ,, |
| कालरूपसम्प्राप्तिके लक्षण, निदानपंचकका उपसंहार | १० | भय शोक और कोपज्वरके लक्षण | ,, |
| कहे हुए निदानादिपंचकद्वारा रोगनिवृत्तिरूप | अभिचार और अभिघातज्वरके लक्षण | ,, | |
| सिद्धिको इच्छा करके अवश्य जानने योग्य | १२ | भूताभिशंगज्वरके लक्षण | ,, |
| ज्वरनिदानम् । | विषमज्वरकी सम्प्राप्ति | ३४ | |
| ज्वरकी प्रधानता ज्वरकी उत्पत्ति | १२ | धातुगतज्वरके नाम | ,, |
| ज्वरकी सम्प्राप्ति | १३ | संततज्वरके लक्षण | ,, |
| ज्वरके लक्षण, ज्वरका पूर्वरूप | १४ | सततकादिकोंके लक्षण | ३५ |
| वातज्वरके लक्षण, पित्तज्वरके लक्षण | १५ | वत्कृष्टदोषभेदकरके तृतीयक चतुर्थकोंके | |
| कफज्वरके लक्षण, वातपित्तज्वरके लक्षण | १६ | दूसरे लक्षण | ,, |
| वातकफज्वरके लक्षण, पित्तकफज्वरके लक्षण | १७ | विषमज्वरके भेद | ३६ |
| सन्निपातज्वरके लक्षण | ,, | वातबलासकज्वर, प्रलेपकज्वर | ३७ |
| सन्निपातोंके भेद | १९ | विषमज्वरविशेषभेद | ,, |
| मतान्तरभेद | २३ | इन्होंका विपरीत द्वितीय ज्वर | ३८ |
| कुम्भीपाक १, प्रौर्णनाव २, प्रलापी ३ | ,, | शीतपूर्वकज्वरके लक्षण | ,, |
| अन्तर्दाह ४, दण्डपात ५, अन्तक ६ | २४ | दाहपूर्वकज्वरके लक्षण | ,, |
| एणीदाह ७, हारिद्र ८ | ,, | सप्तधातुगत ज्वर । | |
| अजघोष ९, भूतहास १०, यन्त्रपीड ११ | २५ | रसगत ज्वरके लक्षण | ३८ |
| संन्यास १२, संशोषी १३ | ,, | रक्तगत ज्वरके लक्षण | ३९ |