माधव निदान (मधुकोश व्याख्या व हिन्दी अनुवाद सहित)
Madhava Nidana with Madhukosha & Hindi Translation
माधवकर द्वारा
स्रोत: खेमराज श्रीकृष्णदास · खेमराज श्रीकृष्णदास (उद्गम)
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संदर्भ में पढ़ें( ४ ) माधवनिदानकी- विषय. पृष्ठाङ्क. विषय. पृष्ठाङ्क. मांसगत ज्वरके लक्षण ३९ ग्रहणीरोगकी सम्प्राप्तिपूर्वक सामान्य लक्षण ५३ मेदोगत ज्वरके लक्षण ,, ग्रहणीके पूर्वरूप ,, अस्थिगत ज्वरके लक्षण ,, वातग्रहणीका निदान ५४ मज्जागत ज्वरके लक्षण, शुक्रगत ज्वरके लक्षण ,, वातजसंग्रहणीका रूप ,, प्राकृत और वैकृत ज्वरका लक्षण ४० पित्तग्रहणीके लक्षण ,, प्राकृतज्वरोंकी चिकित्साके निमित्त उत्पत्तिक्रम ,, कफग्रहणीकी उत्पत्ति ५५ चिकित्सा करनेके निमित्त आम पच्यमान और त्रिदोषकी ग्रहणीके लक्षण ,, निराम ज्वरके लक्षण ४१ ( संग्रहणी लक्षण ) ,, ज्वरके दश उपद्रव, पच्यमान ज्वरके लक्षण ४२ डाक्टरीमतके अनुसार परीक्षा व कारण ५७ पक्वज्वर किंवा निरामज्वरके लक्षण ,, अशरोगनिदानम् । ग्रन्थान्तरसे जीर्णज्वरके लक्षण ,, संख्या रूप सम्प्राप्ति ५७ साध्यज्वरके लक्षण, असाध्यज्वरके लक्षण ,, सम्प्राप्तिपूर्वक अर्शका रूप ,, गम्भीरज्वरके लक्षण ४३ वातकी बवासीरके कारण ५८ दूसरे असाध्यज्वरके लक्षण और असाध्य लक्षण ,, पित्तकी बवासीरके कारण ,, ज्वरमुक्तिके पूर्वरूप ४४ कफकी बवासीरके कारण ,, ज्वरमुक्तिके लक्षण ४५ द्वंद्वज बवासीरके कारण ,, इंग्रेजीमतानुसार ज्वरनिदान । त्रिदोषकी बवासीरके कारण ५९ ज्वरकी उत्पत्ति,-१शरदी ४५ वातकी बवासीरके लक्षण ,, २-मन्दवायु, ३-गरिष्ठ भाजेन ४६ पित्तकी बवासीरके लक्षण ६० अनेकप्रकारके ज्वरोंके ल० कुंकुमज्वरके लक्षण कफकी बवासीरके लक्षण ,, यकृत वा कलेजाज्वरके लक्षण ,, सन्निपातके और सहज बवासीरके लक्षण ६१ अतिसारनिदानम्। रक्तार्शके लक्षण ,, अतिसाररोगकी संप्राप्ति ४७ रक्तार्शानदानके वातादिभेदकरके लक्षण ६२ अतिसारके पूर्वरूप, वातातिसारके लक्षण ४८ कफसम्बन्धके लक्षण ,, पित्तातिसारके लक्षण, कफातिसारके लक्षण ,, बवासीरका पूर्वरूप ,, सन्निपातातिसारक लक्षण ,, सुखसाध्यके लक्षण ६३ शोकातिसारके लक्षण ४९ कृच्छ्रसाध्य लक्षण ,, शोकातिसारके कृच्छ्रसाध्यत्व लक्षण ,, असाध्यके लक्षण, याप्यलक्षण ६४ आमातिसारके लक्षण ,, रोगी, वैद्य, औषध और सेवकके लक्षण ,, आमके लक्षण, पक्क लक्षण, असाध्य लक्षण ५० वैद्यलक्षण ,, दूसरे असाध्य लक्षण ५१ निषिद्धवैद्यके लक्षण ,, अतिसारके उपद्रव, असाध्य लक्षण ,, रोगीके लक्षण, उत्तम ओषधिके लक्षण ६५ रक्तातिसारके लक्षण ,, दुष्ट ओषधिके लक्षण, दूतके लक्षण ,, प्रवाहिकाकी सम्प्राप्ति ५२ उपद्रवसे असाध्यत्व ६६ प्रवाहिकाके वातादि भेदकरके लक्षण ,, चर्मकीलकी सम्प्राप्ति ,, अतिसार चला गया होय इसके लक्षण ,, वातादिभेदकरके उसके लक्षण ६७ ग्रहणीनिदानम् । मन्दाग्निरोगनिदानम् । ग्रहणीकी सम्प्राप्ति ५३ अजर्णिरोग, समाग्न्यादिकोंके लक्षण ६७
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