महाभारत (खंड ३) - विराट, उद्योग व भीष्म पर्व
Mahabharata (Vol 3) - Virata, Udyoga and Bhishma Parva
महर्षि कृष्णद्वैपायन वेदव्यास द्वारा
पृष्ठ 22, कुल 2343 में से
संदर्भ में पढ़ेंचित्र-सूची
सादा
१- दुर्योधन और अर्जुनका श्रीकृष्णसे युद्धके लिये सहायता माँगना २- नहुषका स्वर्गसे पतन ३- आकाशचारी भगवान् सूर्यदेव ४- विदुर और धृतराष्ट्र ५- प्रह्लादजीका न्याय ६- आत्रेय मुनि और साध्यगण ७- श्रीसनत्सुजात और महाराज धृतराष्ट्र ८- धृतराष्ट्रकी सभामें संजय पाण्डवोंका संदेश सुना रहे हैं ९- भीमसेनका बल बखानते हुए धृतराष्ट्रका विलाप १०- धृतराष्ट्रके द्वारा श्रीकृष्णका स्वागत ११- श्रीकृष्णका कौरव-सभामें प्रवेश १४- ययातिका स्वर्गारोहण १५- दुर्योधनको गान्धारीकी फटकार १६- भगवान् श्रीकृष्ण कर्णको समझा रहे हैं १७- पाण्डवोंके डेरेमें बलरामजी १८- पाण्डवोंकी विशाल सेना १९- भीष्म-दुर्योधन-संवाद २०- पाण्डव-सेनापति धृष्टद्युम्न २१- भीष्म और परशुरामके युद्धमें नारदजीद्वारा बीच-बचाव २२- शरणागत अर्जुन २३- पंचमहायज्ञ २४- अर्जुनके प्रति भगवान्का विराट्रूप-प्रदर्शन २५- भगवान्के द्वारा भक्तका संसारसागरसे उद्धार २६- चार अवस्था २७- संसार-वृक्ष २८- मोह-नाश २९- श्रीकृष्ण एवं भाइयोंसहित युधिष्ठिरका भीष्मको प्रणाम करके उनसे युद्धके लिये आज्ञा माँगना ३०- भीमसेन और भीष्मका युद्ध