भारतकोश
महाभारत (खंड ४) - द्रोण, कर्ण, शल्य, सौप्तिक व स्त्री पर्व

महाभारत (खंड ४) - द्रोण, कर्ण, शल्य, सौप्तिक व स्त्री पर्व

Mahabharata (Vol 4) - Drona, Karna, Shalya, Sauptika and Stri Parva

महर्षि कृष्णद्वैपायन वेदव्यास द्वारा

DevanagariSanskritpublished3,237 पृष्ठ

पृष्ठ 2973, कुल 3237 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 2973

इति श्रीमहाभारते शल्यपर्वणि गदापर्वणि अश्वत्थामसैनापत्याभिषेके पञ्चषष्टितमोऽध्यायः॥ ६५ ॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत शल्यपर्वके अन्तर्गत गदापर्वमें अश्वत्थामाका सेनापतिके पदपर अभिषेकविषयक पैंसठवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ ६५ ॥


॥ शल्यपर्व सम्पूर्णम् ॥


अनुष्टुप्बड़े श्लोकबड़े श्लोकोंको अनुष्टुप् माननेपरकुल
उत्तर भारतीय पाठसे लिये गये३५३१(११५)१५८=३६८९=
दक्षिण भारतीय पाठसे लिये गये४२(५)६ ॥। =४८ ॥। =
शल्यपर्वकी कुल श्लोकसंख्या३७३८