भारतकोश
महाभारत (खंड ६) - अनुशासन, आश्वमेधिक, आश्रमवासिक, मौसल, महाप्रस्थानिक, स्वर्गारोहण व हरिवंश पर्व

महाभारत (खंड ६) - अनुशासन, आश्वमेधिक, आश्रमवासिक, मौसल, महाप्रस्थानिक, स्वर्गारोहण व हरिवंश पर्व

Mahabharata (Vol 6) - Anushasana to Harivamsa Parva

महर्षि कृष्णद्वैपायन वेदव्यास द्वारा

DevanagariSanskritpublished2,566 पृष्ठ

पृष्ठ 1783, कुल 2566 में से

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पृष्ठ 1783

अग्निर्भूतपतिर्नित्यं ब्राह्मणानां बृहस्पतिः ॥ ८ ॥
उष्णप्रभाके अधिपति सूर्य हैं और ताराओंके स्वामी चन्द्रमा कहे गये हैं। भूतोंके नित्य अधीश्वर अग्निदेव हैं तथा ब्राह्मणोंके स्वामी बृहस्पति हैं ॥ ८ ॥
ओषधीनां पतिः सोमो विष्णुर्बलवतां वरः ।
त्वष्टाधिराजो रूपाणां पशूनामीश्वरः शिवः ॥ ९ ॥

ओषधियोंके स्वामी सोम हैं तथा बलवानोंमें श्रेष्ठ विष्णु हैं। रूपोंके अधिपति सूर्य और पशुओंके ईश्वर भगवान् शिव हैं ॥ ९ ॥
दीक्षितानां तथा यज्ञो देवानां मघवा तथा ।
दिशामुदीची विप्राणां सोमो राजा प्रतापवान् ॥ १० ॥

दीक्षा ग्रहण करनेवालोंके यज्ञ और देवताओंके इन्द्र अधिपति हैं। दिशाओंकी स्वामिनी उत्तर दिशा है एवं ब्राह्मणोंके राजा प्रतापी सोम हैं ॥ १० ॥
कुबेरः सर्वरत्नानां देवतानां पुरंदरः ।
एव भूताधिपः सर्गः प्रजानां च प्रजापतिः ॥ ११ ॥

सब प्रकारके रत्नोंके स्वामी कुबेर, देवताओंके स्वामी इन्द्र और प्रजाओंके स्वामी प्रजापति हैं। यह भूतोंके अधिपतियोंका सर्ग है ॥ ११ ॥
सर्वेषामेव भूतानामहं ब्रह्ममयो महान् ।
भूतं परतरं मत्तो विष्णोर्वापि न विद्यते ॥ १२ ॥

मैं ही सम्पूर्ण प्राणियोंका महान् अधीश्वर और ब्रह्ममय हूँ। मुझसे अथवा विष्णुसे बढ़कर दूसरा कोई प्राणी नहीं है ॥ १२ ॥
राजाधिराजः सर्वेषां विष्णुर्ब्रह्ममयो महान् ।
ईश्वरत्वं विजानीध्वं कर्तारमकृतं हरिम ॥ १३ ॥

ब्रह्ममय महाविष्णु ही सबके राजाधिराज हैं, उन्हींको ईश्वर समझना चाहिये। वे श्रीहरि सबके कर्ता हैं, किंतु उनका कोई कर्ता नहीं है ॥ १३ ॥
नरकिन्नरयक्षाणां गन्धर्वोरगरक्षसाम् ।
देवदानवनागानां सर्वेषामीश्वरो हि सः ॥ १४ ॥

वे विष्णु ही मनुष्य, किन्नर, यक्ष, गन्धर्व, सर्प, राक्षस, देव, दानव और नाग सबके अधीश्वर हैं ॥ १४ ॥
भगदेवानुयातानां सर्वासां वामलोचना ।
माहेश्वरी महादेवी प्रोच्यते पार्वती हि सा ॥ १५ ॥

उमां देवीं विजानीध्वं नारीणामुत्तमां शुभाम् ।
रतीनां वसुमत्यस्तु स्त्रीणामप्सरसस्तथा ॥ १६ ॥

कामी पुरुष जिनके पीछे फिरते हैं, उन सबमें सुन्दर नेत्रोंवाली स्त्री प्रधान है। एवं जो माहेश्वरी, महादेवी और पार्वती नामसे कही जाती हैं, उन मंगलमयी उमादेवीको स्त्रियोंमें

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