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निराले सद्गुरु

निराले सद्गुरु

Nirale Satguru

by साहिब बन्दगी

Source: Sahib Bandgi Sant Ashram Edition · Sahib Bandgi Sant Ashram Ranjri, Distt. Samba (J & K) (origin)

DevanagariHindipublished112 pages

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निराले सद्गुरु \hfill 69

लड़की बोली-मेरे साथ साहिब हैं

जब आपका भरोसा आत्मा तक होगा तो कोई कुछ नहीं बिगाड़ पायेगा। एक लड़का अपने ही मुहल्ले की एक लड़की से एकतरफा प्रेम करता था। वो लड़की आपकी नामिन थी। वो लड़का एक्सीडेंट में मर गया। अब वो रोज़ रात को उसके पास आने लगा। महीना-भर वो उसके पास आता रहा। फिर एक दिन कहा कि मैं शुक्रवार को हमेशा के लिए तुम्हें अपने साथ लेने को आऊँगा। लड़की ने कहा कि हिम्मत हो तो आना; मेरे साथ साहिब हैं। जब वो आया तो लड़की ने कहा कि तू तो मुझे छू भी नहीं पायेगा। तुझे नहीं मालूम है कि मेरे अंदर नाम की ताक़त है। जैसे ही वो लड़की को छूने लगा, उसे करेण्ट पड़ी और वो भाग खड़ा हुआ। उसके बाद वो उसके पास कभी आने की हिम्मत नहीं किया।

एक गुरु शिष्य का नाता ही

मानते हैं आप

आपके लिए संसार के नाते नहीं हैं। आप सच्चे सन्यासी हैं। माँ को दिये बचनो को पूरा करने के लिए महीने में एक बार आप घर जाते हैं। पर आप शरीर के रिश्ते को नहीं मानते हैं। आपसे घर-परिवार वाले भी नाम प्राप्त किये हैं। कोई भी रिश्तेदार आपको रिश्ते से नहीं पुकारता है। सब आपको गुरुजी कहकर बुलाते हैं, साहिब जी कहकर बुलाते हैं।

ऐसी चीज़ों से आप निपट लेते हैं

वैज्ञानिक कह रहे हैं कि तश्तरियाँ (एलियन्स) ब्रह्माण्ड से उतर रही हैं। वे पूरी धरती से इंसान को ख़त्म कर देंगी। आपका मानना है कि ये चीज़ें इंसान का कुछ नहीं बिगाड़ सकती हैं। जब ख़तरनाक डायनासौर