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निराले सद्गुरु

निराले सद्गुरु

Nirale Satguru

by साहिब बन्दगी

Source: Sahib Bandgi Sant Ashram Edition · Sahib Bandgi Sant Ashram Ranjri, Distt. Samba (J & K) (origin)

DevanagariHindipublished112 pages

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साहिब बन्दगी

को इंसान ने टिकने नहीं दिया तो ये क्या चीज़ हैं। पर यदि इंसान उन्हें काबू नहीं कर सका तो आप स्वयं इन चीज़ों से निपट लेते हैं।
आग लगी आकाश में, झर झर गिरे अंगार।
संत न होते जगत में, जल मरता संसार॥
ये बात ऐसे ही नहीं है। इसमें वज़न है। जब तक आप यहाँ पर हैं, आप कुछ भी ऐसा अनर्थ नहीं होने देते हैं। आप कई बार जम्मू में भूकम्प को आने से रोक देते हैं। यदि वो आता है तो नुक़सान नहीं होने देते हैं। आपके इन कार्यों को दुनिया जल्दी नहीं मान सकती है। क्योंकि यह उसकी पकड़ से बाहर है, बुद्धि से परे की चीज़ें हैं। पर आपके नामी इन बातों को समझ लेते हैं। वो ऐसे कि जब नामियों को भूत कुछ नहीं कर पाते हैं तो वो समझते हैं कि कुछ ताक़तें उनकी रक्षा कर रही हैं। भूत जब नामियों को देखकर भाग जाते हैं तो वो अपने पास की रूहानियत को समझते हैं। जब उनके पास ऐसी ताक़तें हैं, जिनसे भूत डर रहे हैं तो आपकी बात क्या करनी! आप क्या नहीं कर सकते हैं! कुछ भी आपके लिए असंभव नहीं है। बारिश नहीं हो रही है तो कर सकते हैं, यदि बारिश बंद करनी हो तो कर सकते हैं, यदि किसी को सज़ा दिलवानी हो तो दिलवा सकते हैं, यदि किसी को सज़ा से मुक्त करना हो तो कर सकते हैं। ये सब आप चुपके से करते भी हैं। क्योंकि आप तमाशे की दुनिया से परे हैं, इसलिए यह सब चुपके से कर देते हैं। केवल नामी लोग ही आपके इन करिश्मों से परिचित हो पाते हैं, क्योंकि आप दुनिया को अपनी ओर खींचने के लिए ये तमाशे नहीं दिखाते। तमाशे दिखाकर आप किसी को अपनी शरण में नहीं लाना चाहते हैं।

शब्द है आपका वाहन

जिस तरह विष्णु जी का वाहन गरुड़ जी हैं, गणेश जी का वाहन चूहा है, लक्ष्मी जी का वाहन उल्लू है, इस तरह आपका वाहन सत्य शब्द

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