भारतकोश
पृथ्वीराज रासो (सटीक हिन्दी व्याख्या)

पृथ्वीराज रासो (सटीक हिन्दी व्याख्या)

Prithviraj Raso by Chand Bardai with Hindi Commentary

महाकवि चन्दबरदाई / कविराज मोहनसिंह द्वारा

DevanagariHindipublished470 पृष्ठ

पृष्ठ 13, कुल 470 में से

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पृष्ठ 13

सूचीपत्र । ११ पृष्ठ ५० वीरों के शब्द से सामंतों का डरकर सोचना कि बिना काम उनको बुलाना ठीक नहीं हुआ ॥ " ५१ दो मत्त हाथी दर्बार के बाहर बांधे थे वीरों का भयानक शब्द सुनकर चौंके ॥ ... ३२४ ५२ दोनों हाथियों का तुड़ाकर लड़जाना और दर्बार में खलबली मचना ॥ ... " ५३ सरदारों का बहुत उपाय करना पर हाथियों का वश में न आना ॥ ... ३२५ ५४ चन्द का बावन वीरों से प्रार्थना करना कि आप लोग इन हाथियों को छुड़ाकर बांध दीजिये ॥ " ५५ भैरव की आज्ञा से वीरों का हाथियों को जंजीर में बांध देना ॥ ... " ५६ यह कौतुक देख कर सरदारों का आश्चर्य में होना और सबका दर्बार में आकर बैठना ... ३२६ ५७ पृथ्वीराज का सब वीरों को प्रणाम करना, चन्द का नाम ले लेकर सब वीरों को पहिचनवाना ॥ " ५८ चन्द का पृथ्वीराज से कहना कि बिना कारण इन को बुलाया है इससे इनको बलि दो पृथ्वीराज का ५ वन घड़ा मदिरा बावन बकरे मंगाकर बलि देना और भैरव आदि की पूजा करना॥,, ५६ वीरों का प्रसन्न होकर पृथ्वीराज से कहना कि वर मांगो सो हमदें और अब हमको विदा करो ३२७ ६० पृथ्वीराज की ओर से चन्द का कहना कि लड़ाई के समय हमारी सहायता कीजियगा ॥ " ६१ भैरव का चन्द को बुलाकर कहना कि जब तुम्हें टेढ़ा समय आवे तब हमको याद करना ॥ " ६२ बचन देकर वीरों का विदा होना, सरदारों का चन्द की बात पर प्रतीत करना और पृथ्वीराज का चन्द पर अधिक प्रेम बढ़ना ॥ ... ... ३२८ ६३ पृथ्वीराज का चन्द से कहना कि सब सरदारों को मन्त्र बतला दो चन्द का सबको मन्त्र बतलाना " ६४ चन्द को बीस गांव और एक घोड़ा पृथ्वीराज ने दिया ॥ ... ... " [७] नाहर राय कथा वर्णन । ( पृष्ठ ३२६ से पृष्ठ ३६८ तक) १ सोमेश्वर देव का शिवरात्रि व्रत जागरण करके सोने की तुला दान करना और उसे बांट देना ॥ ३२६ २ शिवजी की स्तुति करना ॥ ... ... ... ३३० ३ शिवजी की स्तुति करके सोमेश्वर देव का अपने कुमार के विवाह के लिये नाहर राय के पास दूत भेजना ॥ ... ... ... ३३१ ४ शामदामादि में निपुण दूत का पत्र दरसाना ॥ ... ... ... " ५ कवि का सनोघरी दृष्टि के योग पर से भुंचव्य में बैर दोष होने का कथन करना ॥ ... " ६ कवि का कहना कि स्त्री के कारण से बैर दोष आगे रामादि बड़ों बड़ों को हो चुका है ॥ ३३२ ७ कामधेनु का चरित्र ॥ ... ... ... " ८ प्रात समय जगते ही दूत का पत्र पढ़ना ॥ ... ... ... " ६ उस पत्र में वीर रूप देवस्थान हिंगुलाज के प्रभाव से पृथ्वीराज के बलवान होने और नाहर राय के बल प्रताप का वर्णन ॥ ... ... ... ३३३ १० पट्टन में चौलुक्य भीमदेव, आक पर जेत (सलख, ) पंवार, मेवाड में समरसिंह, दिल्ली में अनङ्गपाल जैसे-बलवानों में मण्डोवर में नाहरराय के राज्य करने का वर्णन ॥ ... ३३४ ११ पृथ्वीराज का आठ वर्ष की अवस्था में दिल्ली ननिहाल में आना, दिल्लीश अनङ्ग पाल के आधीन राजाओं का वर्णन ॥... ... ... ... " १२ मंडोवर के नाहर राय का दिल्लीश्वर की भेट को दिल्ली आना, पृथ्वीराज का रुप देख कर प्रसन्न होना और माला पहिरा कर कहना कि जब पृथ्वीराज सोलह वर्ष का होगा तब मैं अपनी कन्या इसको विवाह दूंगा ॥ ... ... ... ३३५ १३ नाहर राय का मत पलट जाना अर्थात् कन्या देना अस्वीकार करना ॥ ... ... " १४ नाहर राय का उत्तर लिखना कि तुम्हारा कुल आदि हमारे योग्य नहीं है ॥ ... ३३६ १५ दूत का यह पत्र लाकर पृथ्वीराज के हाथ में देना ॥ ... ... ... " १६ पृथ्वीराज का क्रोध करना, सोमेश्वर देव का समझाना ॥ ... ... ... " १७ सरदारों का पत्र सुन कर क्रोध करना ॥ ... ... ... ३३७ १८ पृथ्वीराज का चढ़ाई के लिये सेना सजना ॥ ... ... ... "

पृथ्वीराज रासो (सटीक हिन्दी व्याख्या) · पृष्ठ 13, कुल 470 में से · BharatKosha