भारतकोश
पृथ्वीराज रासो (सटीक हिन्दी व्याख्या)

पृथ्वीराज रासो (सटीक हिन्दी व्याख्या)

Prithviraj Raso by Chand Bardai with Hindi Commentary

महाकवि चन्दबरदाई / कविराज मोहनसिंह द्वारा

DevanagariHindipublished470 पृष्ठ

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पृष्ठ 17

सूचीपत्र । १५

पृष्ठ रुस्तमखां, हाजीखां, गाज़ीखां ज़म्मनखां ग़ज़नीखां, मुहव्यतखां, मीरखां, आदि सरदारों को बुलाकर सलाह करना ॥ ... ... ३६६ ३७ तातारखां का कहना कि तुरन्त पृथ्वीराज पर चढ़ाई करनी चाहिए ॥ ... ... ३६७ ३८ खुरासानखां का तातारखां से कहना कि उसके बल को भी विचार लो, जल्दी न करो ॥ ... ,, ३९ अक़बरखां का कहना कि उसका बल अतुल है तुम लोगों ने देखा नहीं है इससे ऐसा कहते हो ॥ ,, ४० शाह का बल पराक्रम का हाल पूछना ॥ ... ... ... ,, ४१ अरब खां का पृथ्वीराज के बल की प्रशंसा करना ॥ ... ... ३६८ ४२ तातार खां का अरब खां की बात को हंसी में उड़ा देना, अरब खां का कहना कि अपनी आंख से न देखने से ऐसा कहते हो ॥ ... ... ... ,, ४३ शाह का क्रोध करके तातार खां को चढ़ाई के लिये प्रस्तुत होने की आज्ञा देना ॥ ... ,, ४४ शाह के जी में रात दिन चौहान की चिंता लगी रहना ॥ ... ... ३६६ ४५ सेना के साथ चढ़ाई के लिये शाह का तयार होना ॥ ... ... ,, ४६ अशकुन होना ॥ ... ... ... ... ,, ४७ अरब खां का कहना कि आज ठहर जाइये, शकुन अच्छा नहीं है ॥ ... ४०० ४८ सुलतान का कहना कि काफ़िर चौहान को जीतना कौन बड़ी बात है जो इतना विचार करते हो ,, ४९ शाह का चौहान की ओर जाना और दूतों का यह समाचार नागोर में हुसैन को देना ॥ ,, ५० पृथ्वीराज का चढ़ाई का समाचार सुन कर सरदारों को बुला कर सिंध तक शाह के पहुंचने का हाल कहना ॥ ... ... ... ... ,, ५१ लड़ने के लिये प्रस्तुत होने का सब का मत होना ॥ ... ... ४०१ ५२ युद्ध की तयारी होना ॥ ... ... ... ... ,, ५३ गुरुराम ब्राह्मण का आकर आशीर्वाद देना, बहुत कुछ दान करना और वेद मंत्र से तिलक करना ,, ५४ भगवान का स्मरण कर यात्रा करना ॥ ... ... ... ४०२ ५५ हुसैन का भी अपनी सेना के साथ पृथ्वीराज से आ मिलना ॥ ... ... ,, ५६ दस कोस पर डेरा देना ॥ ... ... ... ... ,, ५७ दूतों का सुलतान को पृथ्वीराज के चढ़ आने का समाचार देना ॥ ... ... ४०३ ५८ सुलतान का चढ़ाई के लिये धूम धाम से चलना ॥ ... ... ,, ५९ सुलतान की चढ़ाई का वर्णन ॥ ... ... ... ,, ६० सारुंड अचल पुर में सुलतान का डेरा डालना ॥ ... ... ४०४ ६१ कैमास का यह समाचार घड़ी रात रहते पृथ्वीराज को देना ॥ ... ... ,, ६२ पृथ्वीराज का उसी समय चढ़ाई करने को तयार होना ॥ ... ... ४०५ ६३ चढ़ाई की तयारी, भगवत् स्मरण तथा दान देना ॥ ... ... ,, ६४ पृथ्वीराज का सवार होना ॥ ... ... ... ४०६ ६५ पृथ्वीराज का मीर हुसैन के डेरे में आना, मीर हुसैन का अपने साथियों के साथ तयार होकर पृथ्वीराज को सलाम करना ॥ ... ... ... ,, ६६ पृथ्वीराज और मीर हुसैन के मिल कर चलने का वर्णन ॥ ... ... ,, ६७ सुलतान के चरों का सुलतान को जाकर समाचार देना कि शत्रु की सेना एक योजन पर आ गई ४०७ ६८ सुलतान की सेना की तयारी का वर्णन ॥ ... ... ४०८ ६९ सारुंडे के वाद्य और सजकर सुलतान का खड़ा होना ॥ ... ... ४०६ ७० सुलतान की सेना देखकर पृथ्वीराज का मीर हुसैन की ओर देखना, हुसैन का अपने सरदारों के साथ तयार होकर पृथ्वीराज को सलाम करना ॥ ... ... ,, ७१ मीर हुसैन का कहना कि आपने हमारे लिये कष्ट उठाया है तो हमारा सिर भी आपके लिये तयार है देखिए कैसी लड़ाई लड़ता हूं, पृथ्वीराज का कहना कि इसमें आश्चर्य क्या है मैं भी तुम्हें ग़ज़नी का सुलतान बनाता हूं ॥... ... ४१० ७२ मीर हुसैन का सलाम करके बाईं ओर सेना सजना, पृथ्वीराज का अपने सरदारों को आज्ञा देना कि तुम लोग मीर हुसैन की सहायता करो और सामन्तों का आज्ञा पालन करना ॥ ,, ७३ कैमास आदि सामन्तो का चार सहस्र सेना के साथ पृथ्वीराज के दक्षिण ओर सेना सजना ॥ ४११ ७४ पृथ्वीराज के आगे की ओर गोविन्दराय आदि सरदारों का पांच सहस्र सेना के साथ खड़े होना ॥ ,,