रसेन्द्रसारसंग्रह (गोपालकृष्ण - पं. रामप्रसाद वैद्य सविस्तार सान्वय हिन्दी टीका सहित)
Rasendra Sara Sangraha of Gopalakrishna with Commentary
गोपालकृष्ण भट्ट (टीकाकार: पं. रामप्रसाद वैद्य) द्वारा
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संदर्भ में पढ़ें( ६ ) रसेन्द्रसारसंग्रह- विषय. पृष्ठांक. | विषय. पृष्ठांक. ग्रहणीशार्दूल रस २०३ | जातीफलादि वटी, पञ्चानन वटी २३४ वैद्यनाथ वटी २०४ | अष्टांग रस २३५ रसपर्पटिका २०५ | अजीर्णाधिकार । विजयपर्पटी, पर्णपर्पटी २०७ | महोदधि वटी २३५ पञ्चामृतपर्पटी २०८ | अग्नितुण्डी रस, वडवानल रस २३६ अग्निकुमार रस २०९ | हुताशन रस, बृहत हुताशन रस २३७ वडवामुखरस, ग्रहणीकपाट रस २१० | अमृतकल्प वटी २३८ बृहद्ग्रहणीकपाट रस २११ | अग्निकुमार रस " प्रकारान्तरसे ग्रहणीकपाट रस २१२ | बृहदग्निकुमार रस २३९ विजयावटिका २१३ | बृहन्महोदधि वटी २४१ ग्रहणीकपर्दपोट्टली " | रामबाण रस " हंसपोट्टली रस, ग्रहणीकपाट | अजीर्णकण्टक रस, पाशुपत रस २४२ रस २१४ | बृहच्छंखवटी २४४ ग्रहणी वज्रकपाट रस २१५ | भक्तविपाक वटी २४५ पानीयभक्तवटी २१७ | पञ्चामृत वटी, क्रव्याद रस २४७ शम्बूकादिवटी २१८ | ज्वालानल रस, अमृतावटी २४९ हिरण्यगर्भपोट्टली रस " | बृहद्भक्तपाक वटी " रसाभ्रवटी २२० | लवङ्गादि वटी २५० अग्निकुमार नृपतिवल्लभ २२१ | बृहल्लवंगादि वटी २५१ राजवल्लभ रस २२२ | जातीफलादि वटी, शंखवटी २५२ बृहन्नृपवल्लभ २२३ | चिन्तामणि रस; प्रदीपन रस २५३ संग्रहग्रहणीकपाट २२४ | विजय रस, महाभक्तपाकवटी २५४ महाराजनृपतिवल्लभ रस २२५ | रसराक्षस, त्रिफला लोह २५६ अर्शोऽधिकार । | विसूच्यघ्न " चक्रेश्वर रस २२८ | अग्निकुमार रस, शंखवटी २५७ तीक्ष्णमुख रस २२९ | कृमिरोगचिकित्सा । अर्शःकुठार रस " | कृमिकालानल रस २५८ चक्राख्य रस, नित्योदित रस २३० | कृमिविनाश रस २५९ चन्द्रप्रभा वटिका २३१ | कृमिरोगारि रस " माणाय लोह २३२ | कीटमर्द रस, कृमिघ्न रस २६० चंचुकुठार रस २३३ | कृमिमुद्गर रस २६१ शिलागन्धक वटक " |