भारतकोश
ऋग्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

ऋग्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

Rigveda Samhita with Hindi Translation

डा. गंगा सहाय शर्मा द्वारा

स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)

DevanagariSanskritpublished1,855 पृष्ठ

पृष्ठ 1018, कुल 1855 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 1018

सोमारुद्रा वि वृहतं विषूचीममीवा या नो गयमाविवेश. आरे बाधेथां निर्ऋतिं पराचैरस्मे भद्रा सौश्रवसानि सन्तु.. (२) हे सोम एवं रुद्र! हमारे घर में जो रोग समाया हुआ है, उसे दूर भगाओ एवं दरिद्रता को बाधा पहुंचाकर हमसे दूर भगाओ. हमारे पास कल्याणकारी अन्न हो. (२) सोमारुद्रा युवमेतान्यस्मे विश्वा तनूषु भेषजानि धत्तम्. अव स्यतं मुञ्चतं यन्नो अस्ति तनूषु बद्धं कृतमेनो अस्मत्.. (३) हे सोम एवं रुद्र! तुम हमारे शरीर को लाभ पहुंचाने वाली सभी ओषधियां धारण करो. हमारे द्वारा किया हुआ जो पाप हमारे शरीर में बंधा है, उसे शिथिल करके दूर भगाओ. (३) तिग्मायुधौ तिग्महेती सुशेवौ सोमारुद्राविह सु मृळतं नः. प्र नो मुञ्चतं वरुणस्य पाशाद् गोपायतं नः सुमनस्यमाना.. (४) हे सोम एवं रुद्र! तुम दीप्त धनुष वाले, तेज बाणों वाले एवं शोभनसुख देने वाले हो. शोभनस्तोत्रों की इच्छा करते हुए तुम दोनों इस संसार में हमें सुखी बनाओ, वरुण के पाशों से छुड़ाओ एवं हमारी रक्षा करो. (४) सूक्त—७५ देवता—वर्म आदि जीमूतस्येव भवति प्रतीकं यद्वर्मी याति समदामुपस्थे. अनाविद्धया तन्वा जय त्वं स त्वा वर्मणो महिमा पिपर्तु.. (१) युद्धों के आरंभ होने पर यह राजा जब कवच पहन कर जाता है, तब इसका रूप बादल के समान जान पड़ता है. हे राजा! तुम शत्रुओं द्वारा बिना बिंधे शरीर से जय प्राप्त करो. कवच की यह महिमा तुम्हारी रक्षा करे. (१) धन्वना गा धन्वनाजिं जयेम धन्वना तीव्राः समदो जयेम. धनुः शत्रोरपकामं कृणोति धन्वना सर्वाः प्रदिशो जयेम.. (२) हम धनुष के द्वारा गायों एवं युद्ध को जीतेंगे. हम धनुष की सहायता से शत्रुओं की उद्धत एवं मदवाली सेनाओं को जीतेंगे. हमारा धनुष शत्रुओं की अभिलाषाएं नष्ट करे. हम धनुष द्वारा सब दिशाओं को जीतें. (२) वक्ष्यन्तीवेदा गनीगन्ति कर्णं प्रियं सखायं परिषस्वजाना. योषेव शिङ्क्ते वितताधि धन्वञ्ज्या इयं समने पारयन्ती.. (३) युद्धभूमि में पार लगाने वाली यह धनुष की डोरी धनुष पर विस्तृत होकर प्रिय वचन बोलने की अभिलाषा सी करती हुई प्यारी बातें कहने के लिए धनुर्धारी के कान के समीप