भारतकोश
ऋग्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

ऋग्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

Rigveda Samhita with Hindi Translation

डा. गंगा सहाय शर्मा द्वारा

स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)

DevanagariSanskritpublished1,855 पृष्ठ

पृष्ठ 1680, कुल 1855 में से

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पृष्ठ 1680

बृहस्पतिं वृषणं शूरसातौ भरेभरे अनु मदेम जिष्णुम्.. (९) हम मरुद्गण तथा अंतरिक्ष में सिंह के समान गर्जन करने वाले, अभिलाषापूरक एवं विजयशील बृहस्पति को कल्याणकारिणी स्तुतियों के द्वारा बढ़ाते हैं एवं संग्रामों में उनकी प्रशंसा करते हैं. (९) यदा वाजमसनद्विश्वरूपमा द्यामरुक्षदुत्तराणि सद्य. बृहस्पतिं वृषणं वर्धयन्तो नाना सन्तो बिभ्रतो ज्योतिरासा.. (१०) बृहस्पति जिस समय नानारूप वाले अन्नों का उपयोग करते हैं और जब अंतरिक्ष अथवा ऊंचे स्थानों पर चढ़ते हैं, उस समय नाना दिशाओं में स्थित तेजस्वी देवगण अभिलाषा पूर्ण करने वाले बृहस्पति की स्तुति अपने मुंह से करते हैं. (१०) सत्यामाशिषं कृणुता वयोधै कीरिं चिद्द्यावथ स्वेभिरेवैः. पश्चा मृधो अप भवन्तु विश्वास्तद्रोदसी शृणुतं विश्वमिन्वे.. (११) हे देवो! मेरी अन्न संबंधी स्तुति को सच्चा बनाओ. अपने गमनों द्वारा मुझ स्तोता की रक्षा करो. मेरे शत्रु नष्ट हों. सबको प्रसन्न करने वाली द्यावा-पृथिवी मेरे वचन को सुनें. (११) इन्द्रो महा महतो अर्णवस्य वि मूर्धानमभिनदर्बुदस्य. अहन्नहिमरिणात्सप्त सिन्धून्देवैर्द्यावापृथिवी प्रावतं नः.. (१२) स्वामी एवं महत्त्वशाली बृहस्पति ने महान् एवं उदकपूर्ण मेघ का मस्तक काट डाला. उन्होंने जल रोकने वाले राक्षस को मारा एवं सात नदियों को प्रवाहित किया. हे द्यावा- पृथिवी! तुम देवों के साथ मिलकर हमारी रक्षा करो. (१२) सूक्त—६८ देवता—बृहस्पति उदप्रुतो न वयो रक्षमाणा वावदतो अभ्रियस्येव घोषाः. गिरिभ्रजो नोर्मयो मदन्तो बृहस्पतिमभ्यर्का अनावन्.. (१) खेतों को जल से सींचने वाले किसान पकी फसलों को रखाते समय जैसा शब्द करते हैं अथवा बादल जिस प्रकार गर्जन करते हैं अथवा बादलों से गिरा हुआ जल समूह जिस प्रकार नाद करता है, उसी प्रकार स्तोताओं ने बृहस्पति की स्तुति की. (१) सं गोभिराङ्गिरसो नक्षमाणो भग इवेदर्यमणं निनाय. जने मित्रो न दम्पती अनक्ति बृहस्पते वाजयाशूँरिवाजौ.. (२) अंगिरा ऋषि के पुत्र एवं भगदेव के समान अपने तेज से सबको व्याप्त करते हुए बृहस्पति गुफा में बंद गायों तक सूर्य का प्रकाश ले गए. सूर्य जिस प्रकार जनपद में अपनी ebook converter DEMO Watermarks*