रोगी रोग मुक्त बिना दवाई: योगासन एवं प्राणायाम

रोगी रोग मुक्त बिना दवाई: योगासन एवं प्राणायाम
Rogi Rog Mukt Bina Dawai: Yogasan evam Pranayama
राजीव दीक्षित / रोबिन सिराना द्वारा
स्रोत: Swadeshi Chikitsa & Yogasan Series · Swadeshi Robin Sirana · 2017 (उद्गम)
DevanagariHindipublished60 पृष्ठ
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आजतक उपचार देने में सफल नहीं हुआ है। एचआईवी (HIV) पर योग के प्रभावों पर अनुसंधान वर्तमान में आशाजनक परिणामों के साथ चल रहा है। चिकित्सा वैज्ञानिकों के अनुसार, योग चिकित्सा तंत्रिका और अंतःस्नावी तंत्र में बनाए गए संतुलन के कारण सफल होती है जो शरीर के अन्य सभी प्रणालियों और अंगों को सीधे प्रभावित करती है।
योग करने के नियम
- • सूर्योदय या सूर्यास्त के वक्रत योग का सही समय है।
- • योग करने से पहले स्नान जरूर करें।
- • योग खाली पेट करें। योग करने से 2 घंटे पहले कुछ ना खायें।
- • आरामदायक सूती कपड़े पहनें।
- • तन की तरह मन भी स्वच्छ होना चाहिए -- योग करने से पहले सब बुरे खयाल दिमाग से निकाल दें।
- • किसी शांत वातावरण और साँफ जगह में योग अभ्यास करें।
- • अपना पूरा ध्यान अपने योग अभ्यास पर ही केंद्रित रखें।
- • योग अभ्यास धैर्य और दृढ़ता से करें।
- • अपने शरीर के साथ जबरदस्ती बिल्कुल ना करें।
- • धीरज रखें, योग के लाभ महसूस होने में वक्रत लगता है।
- • निरंतर योग अभ्यास जारी रखें।
- • योग करने के 30 मिनट बाद तक कुछ ना खायें। 1 घंटे तक ना नहायें।
- • प्राणायाम हमेशा आसन अभ्यास के बाद करें।
- • अगर कोई मेडिकल तकलीफ़ हो तो पहले डॉक्टर से जरूर सलाह करें।
- • अगर तकलीफ़ बढ़ने लगे या कोई नई तकलीफ़ हो जाए तो तुरंत योग अभ्यास रोक दें।
- • योगाभ्यास के अंत में हमेशा शवासन करें।
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