भारतकोश
सामवेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

सामवेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

Samaveda Samhita with Hindi Translation

डा. रेखा व्यास द्वारा

स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)

DevanagariSanskritpublished310 पृष्ठ

पृष्ठ 254, कुल 310 में से

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पृष्ठ 254

दुष्टों को दूर कीजिए. आप सभी वैभव हमें प्रदान कीजिए. (२) आ नो अग्ने सुचेतुना रयिं विश्वायुपोषसम्. मार्डीकं धेहि जीवसे.. (३) हे अग्नि! आप सुचेतना संपन्न, संपूर्ण पोषण (आयु पर्यंत) दाता व सुखदाता हैं. आप हमें पूरे जीवन के लिए धन दीजिए. (३) अग्नि 𑗒 हिन्वन्तु नो धियः सप्तिमाशुमिवाजिषु. तेन जेष्म धनंधनम्.. (४) हे अग्नि! हमारी बुद्धियां आप को प्रेरित करें. युद्ध में घोड़े को प्रेरित करने की भांति हम आप को प्रेरित करते हैं, जिस से हम जीवन संग्राम में सारे वैभव जीत सकें. (४) यया गा आक्रामहै सेनायाग्ने तवोत्‍या. तां नो हिन्व मघत्तये.. (५) हे अग्नि! संरक्षण शक्ति से हमें रक्षित कीजिए. दिव्य ज्ञान हेतु हम आप को आमंत्रित करते हैं. आप हमें उत्तम कोटि का धन प्रदान कीजिए. (५) आग्ने स्थूर 𑗒 रयिं भर पृथुं गोमन्तमश्विनम्. अङ्घि खं वर्तया पविम्.. (६) हे अग्नि! आप हमें गोवान व अश्ववान बनाइए. आप हमें प्रचुर धन दीजिए. आकाश आप के तेज से पवित्र हैं. आप दुर्गुणों को दूर भगाइए. (६) अग्ने नक्षत्रमजरमा सूर्यं 𑗒 रोहयो दिवि. दधज्ज्योतिर्जनेभ्यः.. (७) हे अग्नि! आप लोगों के लिए ज्योति धारण कीजिए. आप स्वर्गलोक में सूर्य को स्थापित कीजिए. जर्जर न होने वाले सूर्य सर्वत्र प्रकाशदाता हैं. (७) अग्ने केतुर्विशामसि प्रेष्ठः श्रेष्ठ उपस्थसत्. बोधा स्तोत्रे वया दधत्.. (८) हे अग्नि! आप प्रिय, सर्वोत्तम व ज्ञानदाता हैं. आप हमारे स्तोत्र जगाइए. आप हमारे लिए आयु धारण करिए. (८) अग्निमूर्धा दिवः ककुत्पतिः पृथिव्या अयम्. अपा 𑗒 रेता 𑗒 सि जिन्वति.. (९) हे अग्नि! आप मूर्धन्य, स्वर्गलोकवासी व पृथ्वी के पालनहार हैं. आप जलों को अपने में समाहित किए रहते हैं. (९) ईशिषे वार्यस्य हि दात्रस्याग्ने स्वः पतिः. स्तोता स्यां तव शर्मणि.. (१०) हे अग्नि! आप वरणीय हैं. आप स्वर्ग के ईश्वर हैं. आप दाता व अधिष्ठाता हैं. हम आप के सुख भोगें, सदैव आप के पूजक बने रहें. (१०) उदग्ने शुचयस्तव शुक्रा भ्राजन्त ईरते. तव ज्योती 𑗒 ष्यर्चयः.. (११) हे अग्नि! हम ज्योतिपूर्वक आप की अर्चना करते हैं. हम आप को पवित्र, चमकदार प्रकाशित ज्योति से भजते हैं. (११) ebook converter DEMO Watermarks*