संतति शास्त्र
Santati Shastra
by पं० अयोध्याप्रसाद भार्गव
Source: Santati - Shastra · काशी, भार्गव पुस्तकालय (origin)
Page 12 of 302
Read in context( ३ )
प्रकाशसे जगमगा रहा था। अधिकारके अनुसार ज्ञान, विज्ञान, गणित, ज्योतिष, आयुर्वेद, साहित्य, वेद—वेदान्त, व्याकरण, न्याय, मीमांसा, योग, स्मृति, नीति और शासन इत्यादि अनेक विषयोंकी वायु घरमें प्रवाहित हो रही थी।
दमयंती, सुभद्रा, उत्तरा, लीलावती और चिन्ता इत्यादि देवियाँ जिस देशकी कन्याएँ, श्रुतकीर्ति, उर्मिला, जानकी और मारुडवी इत्यादि जिस देशकी बहुएँ; कौशिल्या, सुमित्रा और लक्ष्मी इत्यादि बहुओंकी पुष्ट-पोषिकाएँ; उभय भारती, मृदालसा, विद्योत्तमा, लोपामुद्रा, सलभा, देवहूती, विदूला, ऊषा, शकुन्तला, मायावती और गार्गी इत्यादि देवियाँ जिस देशकी पंडिता; अनुसुया, मैत्रेयी, अदिति और अरुन्धती इत्यादि देवियाँ जिस देशकी मुनि-पत्नियाँ, रघु, अज, दिलीप, दशरथ और रामचन्द्र इत्यादि जहाँके राजराजेश्वर; लव-कुश ऐसे जिस देशके राजकुमार, कश्यप, मरीचि, भृगु, अंगिरा, जयवन और पुलस्त्य इत्यादि जिस देशके महर्षि; वाल्मीकि, जयदेव, भूदेव, कालीदास और दंडी इत्यादि जहाँके कवि पांडित और पातंजलि जहाँके वै्याकरण, कपिल कण्णादि गौतम, व्यास जहाँके शास्त्रकार; धन्वन्तरि, चरक, सुश्रुत और वाग्भट्ट इत्यादि जहाँके वैद्य; वशिष्ठ, पराशर, आर्यभट्ट और नीलकंठ इत्यादि जहाँके ज्योतिषी; मनु, अत्रि, याज्ञवल्क्य और विष्णु इत्यादि जहाँके धर्मोपदेश, शंकराचार्य रामानुजाचार्य और बल्लभाचार्य इत्यादि जहाँके धर्मप्रचारक; सायण-