सेहत संजीवनी

सेहत संजीवनी
Sehat Sanjivani
सतगुरु मधु परमहंस जी द्वारा
स्रोत: June 2009 First Edition · Sahib Bandgi Sant Ashram Ranjri, Post-Raya, Distt.-Samba (J & K) · 2009 (उद्गम)
DevanagariHindipublished104 पृष्ठ
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सेहत संजीवनी
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- □ मूत्र बार-बार होता है।
- □ यदि लाल, पीला, गर्म मूत्र पीड़ा सहित आए तो पित्त-मूत्रकृच्छ होता है।
- □ यदि मूत्र में झाग आए, लिंग और पेडू भारी लगेँ, मूत्र त्याग में पीड़ा हो तो कफ-मूत्रकृच्छ होता है।
उपदंश के लक्षण
- □ मुख काला पड़ जाता है।
- □ पेशाब में कड़क होती है।
- □ भूख नहीं लगती है।
- □ ज्वर होता है।
श्वास रोग के लक्षण
- □ मल-मूत्र ठीक से नहीं होता है।
- □ रोगी लंबे-लंबे श्वास लेता है, जिसका स्वर दूर तक सुनाई देता है।
- □ अपफारा होता है।
कफोदर के लक्षण
- □ नींद बहुत आती है।
- □ भोजन का दिल नहीं करता।
- □ शरीर ठंडा और भारी रहता है।
- □ पीड़ा का अनुभव होता है।
- □ पेट आवाज करता है।