भारतकोश
श्रीमद्वाल्मीकीय रामायण

श्रीमद्वाल्मीकीय रामायण

Shrimad Valmiki Ramayana

महर्षि वाल्मीकि द्वारा

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इस प्रकार श्रीवाल्मीकिनिर्मित आर्षरामायण आदिकाव्यके अरण्यकाण्डमें अड़तीसवाँ सर्ग पूरा हुआ॥ ३८॥


* यद्यपि बालकाण्डके २०वें सर्गके दूसरे श्लोकमें राजा दशरथने श्रीरामकी अवस्था सोलह वर्षसे कम (पंद्रह वर्षकी) बतायी थी, तथापि यहाँ मारीचने रावणके मनमें भय उत्पन्न करनेके लिये चार वर्ष कम अवस्था बतायी है। जो छोटी अवस्थामें इतने महान् पराक्रमी थे, वे अब बड़े होनेपर न जाने कैसे होंगे? यह लक्ष्य कराना ही यहाँ मारीचको अभीष्ट है।