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शृंगार शतक

शृंगार शतक

Shringar Shatak

भर्तृहरि / अनुवादक: हरिदास वैद्य द्वारा

स्रोत: Shringar Shatak - Haridas Vaidya · हरिदास एण्ड कम्पनी, कलकत्ता / Digital Library of India (उद्गम)

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निवेदन ।

न १६२० ई० में, मैंने “वैराग्यशतक” और सत्र स १६२१ ई० में “नीतिशतक” का हिन्दी-अनुवाद किया था। आशा नहीं थी कि, सर्वसाधारण उन मामूली अनुवादोंपर ऐसे रीझेंगे कि, साल ही भरके भीतर, सारी प्रतियाँ खप जायंगी; क्योंकि मुझमें ऐसे-ऐसे ग्रन्थोंके अनुवाद करने- योग्य विद्या-बुद्धि नहीं; पर भगवान् श्रीकृष्णचन्द्र की छपासे जो हुआ, उसे देख मुझे सचमुच ही भारी आश्चर्य्य होता है। “वैराग्यशतक” की कापियाँ स्वतम हो गईं, तो इतने तकाज़े आये कि, हिसाब नहीं। लोगोंको दो महीने का विलम्ब भी असह्य हो गया। इससे “वैराग्यशतक” का दूसरा संस्करण फिर शीघ्र ही छपाना पड़ा और उसमें पहलेसे बहुत जियादा काम भी किया गया। पृष्ठ-संख्या २४८ के स्थानमें प्रायः ४६० और चित्र भी २० की जगह २६ कर दिये गये हैं। आशा है, कृद्दान सज्जनोंको वह पहलेसे भी अधिक पसन्द आयेगा।

वैराग्य और नीतिशतककी माँगोंके जो पत्र आते थे, उनमें