सुभाषितरत्नभाण्डागार (पण्डित काशीनाथ शर्मा संग्रह)

सुभाषितरत्नभाण्डागार (पण्डित काशीनाथ शर्मा संग्रह)
Subhashita Ratna Bhandagara
पण्डित काशीनाथ शर्मा (सम्पादक: नारायण राम आचार्य) द्वारा
स्रोत: Subhashita Ratna Bhandagara (10,000+ Classic Sanskrit Epigrams & Maxims - Nirnaya Sagar Press) (उद्गम)
DevanagariSanskritpublished516 पृष्ठ
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विषयानुक्रमकोशः ३
| विषया | पृष्ठे | श्लोका | विषया. | पृष्ठे | श्लोका | विषया | पृष्ठे | श्लोका |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| पर्वतवर्णनम् ... | १४० | १-५ | तुरगा . | १४३ | ५०-५७ | ताम्बूलम् | १४४ | १०४ |
| सरोवर्णनम् . | १४० | १ | खड्ग .. | १४३ | ५८-५९ | शस्त्रधारणम् | १४५ | १०५ |
| वनश्रीवर्णनम् | १४० | १-७ | सैन्यम् | १४३ | ६०-६२ | छत्रधारणम् | १४५ | १०६ |
| मृगयावर्णनम् | १४१ | १-७ | दुर्ग | १४३ | ६३-६८ | चामरम् | १४५ | १०७ |
| मृगयाविवृत्ति | १४१ | १ | दूत | १४४ | ६९-७३ | सिंहासनम् | १४५ | १०७ |
| ऋत्याश्रमवर्णनम् | १४१ | १-१४ | भाण्डागारी | १४४ | ७४ | मालाधारणम् | १४५ | १०८ |
| राजनीति | १४२ | १-४२३ | लेखक | १४४ | ७५ | चन्दनलेप | १४५ | १०८ |
| राजा . | १४२ | १-१५ | प्रतीहारी . | १४४ | ७६ | मृगया | १४५ | १०९ |
| सभासद | १४२ | १६-१७ | सूपकार .. | १४४ | ७७ | कटकप्रयाणम् | १४५ | ११० |
| पुरोहित ... | १४२ | १८ | चारा | १४४ | ७८ | उपवनानि | १४५ | १११-११२ |
| धर्माध्यक्ष . | १४२ | १९ | अन्तःपुरवर्गा | १४४ | ७९ | तरव | १४५ | ११३-११४ |
| वैद्य . | १४२ | २० | स्त्रिय | १४४ | ८०-८१ | नीति | १४५ | ११५-४२३ |
| मन्त्री | १४२ | २१-३२ | महिषी | १४४ | ८२ | सामान्यनीति . | १५३ | १-१०५८ |
| सेनापति | १४३ | ३३-३४ | भृत्या . | १४४ | ८३-१०२ | |||
| गजा . | १४३ | ३५-४९ | स्नानम् . | १४४ | १०३ |
४. चित्रप्रकरणम्
| विषया | पृष्ठे | श्लोका | विषया | पृष्ठे | श्लोका | विषया | पृष्ठे | श्लोका |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| समस्याख्यानम् | १८१ | १-७७ | मात्राच्युतकादय | १९५ | १-१५ | महोक्ष . | २०७ | १५ |
| प्रहेलिका | १८४ | १-३९ | मात्राच्युतकम् | १९५ | १-२ | धेनु | २०७ | १६ |
| अपह्नुतय | १८६ | १-१५ | बिन्दुच्युतकम् | १९५ | ३-४ | रासभ | २०७ | १७ |
| कूटानि | १८६ | १-९६ | विसर्गच्युतकम् | १९५ | ५-६ | अज .. | २०७ | १८ |
| क्रियागुप्तादयः | १९३ | १-५३ | अक्षरच्युतकम् . | १९५ | ७-८ | मेष | २०७ | १९ |
| क्रियागुप्तम् | १९३ | १-१७ | स्थानच्युतकम् . | १९५ | ९-१० | मयूर | २०७ | २० |
| कर्तृगुप्तम् | १९४ | १८-२५ | व्यञ्जनच्युतकम् | १९६ | ११-१२ | चातक | २०७ | २१ |
| कर्मगुप्तम् .. | १९४ | २६-२८ | च्युतदत्ताक्षरम् | १९६ | १३-१५ | पारावत | २०८ | २२ |
| करणगुप्तम् . | १९४ | २९-३० | अन्तरालापा | १९६ | १-४४ | बक | २०८ | २३-२४ |
| संप्रदानगुप्तम् . | १९४ | ३१-३२ | बहिरालापा .. | १९८ | १-१२० | कुक्कुट | २०८ | २५-२६ |
| अपादानगुप्तम् | १९४ | ३३-३४ | प्रश्नोत्तराणि . | २०५ | १-१० | गौरखरकृकलासौ | २०८ | २७ |
| सम्बन्धगुप्तम् | १९४ | ३५-३७ | चित्रम् . | २०७ | १-१८ | सर्प | २०८ | २८ |
| अधिकरणगुप्तम् | १९४ | ३८-३९ | भाषाचित्रम् . | २०६ | १-३ | पुलिन्द | २०८ | २९ |
| आमन्त्रितगुप्तम् | १९५ | ४०-४३ | जातिवर्णनम् | २०७ | १-४१ | पथिक | २०८ | ३०-३३ |
| कर्तृक्रियागुप्तम् | १९५ | ४४ | सिंहः | २०७ | १-४ | शूर .. | २०८ | ३४ |
| कर्तृकर्मक्रियागुप्तम् | १९५ | ४५-४६ | तरक्षु | २०७ | ५ | बालाः .. | २०८ | ३५-३६ |
| सथिगुप्तम् | १९५ | ४७ | करिणः .. | २०७ | ६ | कुमार . | २०८ | ३७ |
| समासगुप्तम् | १९५ | ४८-४९ | मृगा . | २०७ | ७ | नर्तकी .. | २०८ | ३८ |
| लिङ्गगुप्तम् | १९५ | ५०-५१ | भल्ल | २०७ | ८ | लेखनकर्त्री | २०८ | ३९-४० |
| सुब्बचनगुप्तम् | १९५ | ५२ | हय | २०७ | ९-१३- | कलमकण्डनी-गीतय . | २०८ | ४८ |
| तिङ्वचनगुप्तम् | १९५ | ५३ | कपि | २०७ | १४ |
५. अन्योक्तिप्रकरणम्
| विषया | पृष्ठे | श्लोका | विषया | पृष्ठे | श्लोका | विषया | पृष्ठे | श्लोका |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| सूर्यान्योक्तय . | २०९ | १-१८ | मेरु | २१५ | ५ | रोहण ... | २१५ | १३-१५ |
| चन्द्रान्योक्तयः . | २०९ | १-४९ | विन्ध्य .. | २१५ | ६ | ( पर्वतदरी ) . | २१५ | १६ |
| मेघान्योक्तयः | २११ | १-८४ | मलय . | २१५ | ७-८ | ( गिरिनिर्झर ) | २१५ | १७ |
| वाय्वन्योक्तय | २१४ | १-१३ | मन्दरः . | २१५ | ९ | समुद्रान्योक्तय .. | २१५ | १-८२ |
| पर्वतान्योक्तय | २१५ | १-१७ | मैनाक . | २१५ | १०-११ | क्षीरसागर .. | २१७ | ४०-४१ |
| हिमाचल ... | २१५ | २-४ | लोकालोकः ... | २१५ | १२ | अगस्त्यः ... | २१७ | ४२-४६ |