सुन्दर विलास (सन्त सुन्दरदास जी - अद्वैत वेदान्त एवं ज्ञान-भक्ति काव्य सटीक)
Sundar Vilas of Sant Sundardas with Hindi Commentary
सन्त सुन्दरदास जी द्वारा
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संदर्भ में पढ़ेंप्राक्कथन यह परमपिता परमेश्वर की ही परमानुकम्पा है कि श्रीदादू-सत्साहित्य मण्डल सन्तसाहित्य प्रेमियो की सेवा मे यह “सुन्दर विलास” का प्रकाशन प्रस्तुत कर रहा है । जैसाकि श्री दादूसहित्य मण्डल का सकल्प है कि वह यथासम्भव प्रतिवर्ष ही कोई न कोई छोटा-मोटा प्रकाशन कर सन्तसाहित्य की सेवा करता रहे, गत वर्ष श्री दादू नित्यपाठरत्नावली का प्रकाशन प्रस्तुत किया था । इस वर्ष यह दूसरे प्रकाशन का प्रस्तुतीकरण है । सुन्दरविलास श्री स्वामी सुन्दरदास जी महाराज की अनुपम सुन्दर ग्रंथावली का ही एक अमूल्य हीरा है । यह ग्रन्थ बहुत समय से दुर्लभ हो रहा था और बराबर इसकी माग हो रही थी । उसीकी पूर्ति के लिए सत्साहित्य मण्डल का यह छोटा सा प्रयास है । सुन्दरविलास वास्तव मे ही “सत्य शिव सुन्दरम्” का सुन्दरतम विलास है । यह इतना सर्वाङ्गसुन्दर है कि इसका एक एक अङ्ग गुलाब के फूल के समान है जिसकी पखुडी पखुडी मे फडकती हुई मगलकारी कविता का सुन्दर रग और ज्ञान-भक्ति-वैराग्य की मोहक सुगन्ध भरी है । “सुन्दर सद्गुरु है सही सुन्दर शिक्षा दीन्ह । सुन्दर वचन सुनाय के सुन्दर सुन्दर कीन्ह ॥”