सुश्रुत संहिता
Sushruta Samhita
महर्षि सुश्रुत (व्याख्याकार: अत्रिदेव गुप्त) द्वारा
स्रोत: मोतीलाल बनारसीदास - अत्रिदेव गुप्त कृत हिन्दी व्याख्या · मोतीलाल बनारसीदास, वाराणसी (उद्गम)
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अत्रिदेवजी आयुर्वेद संहिता के प्रसिद्ध अनुवादक हैं। आपने आयुर्वेद की सब संहिताओं का हिन्दी में अनुवाद किया है। सुश्रुत का यह अनुवाद दूसरी पद्धति का है। इसमें प्रथम ऊपर मूल देकर उसके बाद उसका सरल भाषा में अनुवाद दिया है। कहीं कहीं उसका विस्तार भी किया है। इसके अतिरिक्त पादटिप्पणी में मूल-संहिता के अनेक कठिन शब्दों और कल्पनाओं का विवरण इतर संहिता ग्रन्थों के उद्धरणों से किया गया है। इससे ग्रन्थ की उपयोगिता बहुत बढ़ गयी है। इस समय सम्पूर्ण सुश्रुत का एक भी अच्छा अनुवाद उपलब्ध नहीं था, जिससे विद्यार्थियों को सुश्रुत के अध्ययन में बहुत कठिनाई का सामना करना पड़ता था। इस अनुवाद से विद्यार्थियों का बहुत उपकार हो गया है। आशा है कि आयुर्वेद के छात्र तथा आयुर्वेदानुरागी इतर चिकित्सा पद्धतियों के छात्र तथा चिकित्सक अत्रिदेवजी के इस परिश्रम का हृदय से स्वागत करेंगे।
महाशिवरात्रि संवत् २००६ काशी हिन्दू-विश्वविद्यालय }
भास्कर गोविन्द घाणेकर