भारतकोश
स्वदेशी भारत एवं विदेशी कंपनियों का षड़यन्त्र

स्वदेशी भारत एवं विदेशी कंपनियों का षड़यन्त्र

Swadeshi Bharat evam Videshi Kampaniyon Ka Shadyantra

राजीव दीक्षित / रोबिन सिराना द्वारा

स्रोत: Swadeshi Bharat & Rajiv Dixit Lectures · Swadeshi Robin Sirana · 2017 (उद्गम)

DevanagariHindipublished77 पृष्ठ

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2009 में राजीव भाई बाबा रामदेव के संपर्क में आए और बाबा रामदेव को देश की गंभीर समस्याओं और उनके समाधानों से परिचित करवाया और विदेशों में जमा कालेधन आदि के विषय में बताया और उनके साथ मिल कर आंदोलन को आगे बढ़ाने का फैसला किया ॥ आजादी बचाओ के कुछ कार्यकर्ता राजीव भाई के इस निर्णय से सहमत नहीं थे ॥ फिर भी राजीव भाई ने 5 जनवरी 2009 को भारत स्वाभिमान आंदोलन की नींव रखी ॥ जिसका मुख्य उद्देश्य लोगों को अपनी विचार धारा से जोड़ना, उनको देश की मुख्य समस्याओं का कारण और समाधान बताना ॥ योग और आयुर्वेद से लोगों को निरोगी बनाना और भारत स्वाभिमान आंदोलन के साथ जोड़ कर 2014 में देश से अच्छे लोगों को आगे लाकर एक नई पार्टी का निर्माण करना था जिसका उद्देश्य भारत में चल रही अंग्रेजी व्यवस्थाओं को पूर्ण रूप से खत्म करना, विदेशों में जमा काला धन, वापिस लाना, गौ हत्या पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगाना, और एक वाक्य में कहा जाए ये आंदोलन सम्पूर्ण आजादी को लाने के लिए शुरू किया गया था ॥

राजीव भाई के व्याख्यान सुन कर मात्र ढाई महीने में 6 लाख कार्यकर्ता पूरे देश में प्रत्यक्ष रूप में इस अंदोलन से जुड़ गए थे राजीव भाई पंतजलि में भारत स्वाभिमान के कार्यकर्ताओं के बीच व्याख्यान दिया करते थे जो पंतजलि योगपीठ के आस्था चैनल पर के माध्यम से भारत के लोगों तक पहुंचा करते थे इस प्रकार अप्रत्यक्ष रूप से भारत स्वाभिमान अंदोलन के साथ 3 से 4 करोड़ लोग जुड़ गए थे । फिर राजीव भाई भारत स्वाभिमान आंदोलन के प्रतिनिधि बनकर पूरे भारत की यात्रा पर निकले गाँव-गाँव शहर-शहर जाया करते थे पहले की तरह व्याख्यान देकर लोगों को भारत स्वाभिमान से जुड़ने के लिए प्रेरित करते थे ॥

लगभग आधे भारत की यात्रा करने के बाद राजीव भाई 26 नवंबर 2010 को उड़ीसा से छत्तीसगढ़ राज्य के एक शहर रायगढ़ पहुंचे वहाँ उन्होंने 2 जन सभाओं को आयोजित किया । इसके पश्चात अगले दिन 27 नवंबर 2010 को जंजगीर जिले में दो विशाल जन सभाएं की इसी प्रकार 28 नवंबर बिलासपुर जिले में व्याख्यान देने से पश्चात 29 नवंबर 2010 को छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में पहुंचे । उनके साथ छत्तीसगढ़ के राज्य प्रभारी दया सागर और कुछ अन्य लोग साथ थे । दुर्ग जिले में उनकी दो विशाल जन सभाएं आयोजित थी पहली जनसभा तहसील बेमतरा में सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक थी । राजीव भाई ने विशाल जन सभा को आयोजित किया ॥ इसके बाद का कार्यक्रम सायं 4 बजे दुर्ग में था ॥ जिसके लिए वह दोपहर 2 बजे बेमतरा तहसील से रवाना हुए ।

(इसके बात की घटना विश्वास योग्य नहीं है इसके बाद की सारी घटना उस समय उपस्थित छत्तीसगढ़ के प्रभारी दयासागर और कुछ अन्य साथियों द्वारा बताई गई है) उन लोगों का कहना है गाड़ी में बैठने के बाद उनका शरीर पसीना पसीना हो गया । दयासागर ने राजीव जी से पूछा तो जवाब मिला की मुझे थोड़ी गैस सीने में चढ़ गई है शोचलाय जाऊँ तो ठीक हो जाऊंगा । फिर दयासागर तुरंत उनको दुर्ग के अपने आश्रम में ले गए वहाँ राजीव भाई शोचालय गए और जब कुछ देर बाद बाहर नहीं आए तो दयासागर ने उनको आवाज दी राजीव भाई ने दबी दबी आवाज में कहा गाड़ी स्टार्ट करो मैं निकल रहा हूँ । जब काफी देर

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